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शरद पवार बोले- PM मोदी की घोषणाओं से देश में बेचैनी का माहौल, सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

Political Row Over PM Modi's Appeal : पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से की गयी अपील के बाद सियासत गरमायी हुई है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी कर देते हुए जनता पर बोझ डालने का आरोप लगा रहा है। इस बीच, NCP-SP प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि पीएम मोदी की घोषणाओं से देश में बेचैनी का माहौल बन गया है। इस मुद्दे पर उन्होंने पीएम की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। 

By Abhimanyu 
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Political Row Over PM Modi’s Appeal : पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से देशवासियों से की गयी अपील के बाद सियासत गरमायी हुई है। विपक्ष इसे सरकार की नाकामी कर देते हुए जनता पर बोझ डालने का आरोप लगा रहा है। इस बीच, NCP-SP प्रमुख शरद पवार ने कहा है कि पीएम मोदी की घोषणाओं से देश में बेचैनी का माहौल बन गया है। इस मुद्दे पर उन्होंने पीएम की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है।

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महाराष्ट्र के पूर्व सीएम शरद पवार ने मंगलवार को एक्स पोस्ट में लिखा, “मध्य पूर्व में अस्थिर और युद्धग्रस्त हालात को देखते हुए, देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (@narendramodi) ने दो दिन पहले कुछ घोषणाएं कीं। इन घोषणाओं के देश की अर्थव्यवस्था पर दूरगामी प्रभाव पड़ने की संभावना है। चूंकि ये घोषणाएँ अचानक की गईं, इसलिए आम जनता, व्यापार और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ निवेशकों के बीच भी बेचैनी का माहौल पैदा हो गया है। यह मामला, निस्संदेह, चिंता का विषय है। इस मुद्दे की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, प्रधानमंत्री को अपनी अध्यक्षता में एक सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए। राष्ट्रीय हित के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को विश्वास में लेकर आगे बढ़ा जाए।”

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पवार ने आगे लिखा, “वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य को देखते हुए, यह अनिवार्य है कि केंद्र सरकार अधिक संवेदनशीलता और व्यापक परामर्श को प्राथमिकता दे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री को स्थिति की गहन समीक्षा करने के लिए देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों, औद्योगिक क्षेत्र के प्रतिनिधियों और संबंधित विशेषज्ञों के साथ तत्काल एक बैठक बुलानी चाहिए। भविष्य की नीतिगत उपायों के संबंध में व्यापक विचार-विमर्श किया जाना चाहिए। हमारा यह दृढ़ मत है कि वर्तमान स्थिति में, सरकार की सर्वोपरि प्राथमिकता देश की जनता के बीच विश्वास और स्थिरता स्थापित करना होनी चाहिए।”

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