1. हिन्दी समाचार
  2. ख़बरें जरा हटके
  3. Shocking Video – बीकानेर में पावरलिफ्टर याष्टिका आचार्य की जिम में मौत ,270 किलो वजन उठाते वक्त रॉड गिरने से गर्दन की हड्डी टूटी

Shocking Video – बीकानेर में पावरलिफ्टर याष्टिका आचार्य की जिम में मौत ,270 किलो वजन उठाते वक्त रॉड गिरने से गर्दन की हड्डी टूटी

राजस्थान के बीकानेर जिले में पावरलिफ्टर याष्टिका आचार्य (उम्र 17 साल) की जिम में मौत हो गई है। बताते चलें कि 270 किलो वजन उठाते वक्त रॉड गिरने से गर्दन की हड्डी टूट गई। जिससे कि मौके पर ही मौत हो गई।

By santosh singh 
Updated Date

राजस्थान : राजस्थान के बीकानेर जिले में पावरलिफ्टर याष्टिका आचार्य (उम्र 17 साल) की जिम में मौत हो गई है। बताते चलें कि 270 किलो वजन उठाते वक्त रॉड गिरने से गर्दन की हड्डी टूट गई। जिससे कि मौके पर ही मौत हो गई।

पढ़ें :- BCCI ने ट्राई सीरीज के लिए टीम इंडिया में किया बड़ा बदलाव, ऋतुराज गायकवाड़ की टीम में बतौर उपकप्तान एंट्री, र‍ियान पराग आउट

राजस्थान के बीकानेर में वेटलिफ्टिंग की नेशनल खिलाड़ी की मौत हो गई। जिम में अभ्यास करने के दौरान पावरलिफ्टिंग खिलाड़ी और गोल्ड मेडलिस्ट यष्टिका एक हादसे का शिकार हो गईं।  जिम में उन्हें बचाने की कोशिश की गई और फिर पीबीएम अस्पताल ले जाया गया। जहां, जांच के बाद डॉक्टरों ने यष्टिका को मृत घोषित कर दिया।

दरअसल, बीकानेर के आचार्य चौक इलाके में रहने वाली यष्टिका पुत्री ऐश्वर्य आचार्य (धिंगाणिया महाराज) पावरलिफ्टिंग में राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी थीं। मंगलवार शाम करीब सात बजे याष्टिका रोजाना की तरह बड़ा गणेश जी मंदिर के पास स्थित एक निजी जिम में अभ्यास कर रही थीं। इस दौरान कोच की मौजूदगी में उन्होंने 270 किलो वजन के साथ स्क्वाट लगाने की कोशिश की। इस दौरान याष्टिका का संतुलन बिगड़ गया और रॉड उनके हाथों से छूटकर गर्दन पर गिर गई। आसपास मौजूद कोच और अन्य खिलाड़ियों रॉड को उनके ऊपर से हटाया, लेकिन तब तक याष्टिका बेहोश हो गईं। ऐसे में कोच ने उन्हें सीपीआर देकर बचाने की कोशिश की, लेकिन याष्टिका आचार्य को होश नहीं आया। इसके तुरंत बाद उन्हें पीबीएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने याष्टिका को मृत घोषित कर दिया।

अपने नाम किए थे गोल्ड मेडल 

यष्टिका ने हाल ही में राजस्थान स्टेट पावरलिफ्टिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित 29वीं राजस्थान स्टेट सब-जूनियर एवं सीनियर मेन एंड वुमेन इक्विप्ड बेंच प्रेस चैंपियनशिप अलवर में प्रथम स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल जीता था। वहीं, यष्टिका ने गोवा में आयोजित 33वीं नेशनल बेंच प्रेस चैंपियनशिप में इक्विप्ड कैटेगरी में गोल्ड मेडल और क्लासिक कैटेगरी में सिल्वर मेडल जीता था।

पढ़ें :- Organ Transplant Science : इंसान के शरीर में पहली बार ट्रांसप्लांट हुआ सुअर का लिवर-किडनी, जानें पूरा मामला

बहन भी वेटलिफ्टर

यष्टिका आचार्य के पिता ऐश्वर्य आचार्य (50) कॉन्ट्रैक्टर हैं। यष्टिका तीन बहनें हैं, उनकी एक और बहन भी पावर लिफ्टिंग करती है। याष्टिका की मौत के लेकर परिजनों ने कोई केस दर्ज नहीं कराया है। हालांकि, पुलिस अपनी जांच कर रही है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...