1. हिन्दी समाचार
  2. अपराध
  3. सुप्रीम कोर्ट बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी पर गंभीर, केंद्र-राज्य सरकारों से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट बच्चों के अपहरण और गुमशुदगी पर गंभीर, केंद्र-राज्य सरकारों से मांगा जवाब

बच्चों के गुम होने, अपहरण और उन्हें जबरन ले जाने के मामलों की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में पूरे देश में ऐसी घटनाओं की जांच के लिए एक जैसी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही जांच को तय समयसीमा में पूरा करने, विशेष जांच प्रक्रिया अपनाने और मामलों की जल्द सुनवाई के लिए समर्पित अदालतें बनाने की मांग की गई है।

By santosh singh 
Updated Date

नई दिल्ली। बच्चों के गुम होने, अपहरण और उन्हें जबरन ले जाने के मामलों की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जनहित याचिका दाखिल की गई है। याचिका में पूरे देश में ऐसी घटनाओं की जांच के लिए एक जैसी व्यवस्था बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही जांच को तय समयसीमा में पूरा करने, विशेष जांच प्रक्रिया अपनाने और मामलों की जल्द सुनवाई के लिए समर्पित अदालतें बनाने की मांग की गई है।

पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने की मजिस्ट्रेट की हिम्मत कैसे हुई? कॉकरोच को 5 लाख की मिली नोटिस देख भड़के CJI

याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने क्या किया?

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत (Chief Justice Justice Surya Kant) की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) की पीठ ने मामले में केंद्र और राज्यों से जवाब मांगा है। इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने केंद्र सरकार, सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय, कानून एवं न्याय मंत्रालय, गृह मंत्रालय और विधि आयोग को नोटिस जारी किया है।

याचिकाकर्ता की मुख्य मांग क्या?

यह जनहित याचिका अधिवक्ता और याचिकाकर्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दाखिल की है। इसे अधिवक्ता-ऑन-रिकॉर्ड अश्वनी कुमार दुबे के जरिए सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में पेश किया गया। याचिका में मांग की गई है कि बच्चों के अपहरण और उन्हें जबरन ले जाने के मामलों की जांच के लिए पूरे देश में एक समान व्यवस्था हो। इसमें खास तौर पर समयबद्ध जांच और विशेष जांच प्रक्रिया की मांग रखी गई है।

पढ़ें :- नाबालिग पत्नी से निकाह के 4 दिन तक फिजिकल हुआ शौहर, केरल हाई कोर्ट ने कहा- शरीयत POSCO का कवच नहीं

याचिका में ये प्रमुख मांगें रखी गई हैं:

बच्चों के अपहरण और जबरन ले जाने के मामलों की जांच के लिए देशभर में एक समान व्यवस्था हो। जांच को तय समयसीमा में पूरा करने के लिए समयबद्ध प्रक्रिया लागू की जाए। ऐसे मामलों की जांच के लिए विशेष और समर्पित जांच प्रक्रिया तैयार की जाए। मामलों की सुनवाई तेजी से पूरी करने के लिए समर्पित अदालतों की व्यवस्था हो।

याचिका में मौजूदा व्यवस्था को लेकर क्या कहा गया?

याचिका में लापता, अपहृत और जबरन ले जाए गए बच्चों से जुड़े मामलों को संभालने में व्यवस्था की खामियों का हवाला दिया गया है। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)  से न्यायिक हस्तक्षेप की मांग की है, जिससे ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां तेजी से और आपसी तालमेल के साथ कार्रवाई कर सकें। याचिका का जोर इस बात पर है कि बच्चों से जुड़े इन मामलों में जांच और कार्रवाई के लिए एक समान और समन्वित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

याचिका में कहा गया है कि बच्चों के गुम होने, अपहरण या उन्हें जबरन ले जाने के मामलों में जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज और आपस में समन्वित होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की है। फिलहाल अदालत ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा है। केंद्र, राज्यों और अन्य संबंधित पक्षों के जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई होगी।

पढ़ें :- सुप्रीम कोर्ट ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल कर जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR रद्द की, नहीं होगी दर्ज नई FIR

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...