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स्वामी प्रसाद मौर्य की सोनम वांगचुक से अपील, कहा-राष्ट्रहित में अपना अनशन तोड़ दें, ये सरकार आवाज़ सुनने की बजाय उसे कुचलने में रखती है विश्वास

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं। हर दिन उनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य का लेखा-जोखा प्रतिदिन सरकार के संज्ञान में डाल रहे हैं लेकिन सरकार कान में तेल डालकर बैठी है। सोनम वांगचुक की बिगड़ी परिस्थति में भी उनका हालचाल लेना उचित नहीं समझ रही है।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। समाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए जंतर—मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। उनके भूखहड़ताल का आज 19वां दिन है। लंबे समय से जारी हड़ताल के कारण उनका वजन करीब 9 किलो कम हो गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी शारीरिक स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है। वहीं, विपक्ष के नेता सोनम वांगचुक से हड़ताल खत्म करने की अपील कर रहे हैं। इन सबके बीच पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने भी उनसे भूख हड़ताल को समाप्त करने की अपील की है।

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स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, सोनम वांगचुक पिछले 18 दिनों से जंतर मंतर पर धरने पर बैठे हैं। हर दिन उनकी स्थिति दयनीय होती जा रही है। डॉक्टर उनके स्वास्थ्य का लेखा-जोखा प्रतिदिन सरकार के संज्ञान में डाल रहे हैं लेकिन सरकार कान में तेल डालकर बैठी है। सोनम वांगचुक की बिगड़ी परिस्थति में भी उनका हालचाल लेना उचित नहीं समझ रही है।

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उन्होंने सोनम वांगचुक से अपील करते हुए कहा कि, राष्ट्रहित में अपना अनशन तोड़ दें। उन्होंने कहा, जिस सरकार से आप संवाद और संवेदनशीलता की उम्मीद कर रहे हैं, वह जनता की आवाज़ सुनने के बजाय उसे कुचलने में विश्वास रखती है। महात्मा गांधी के अनशन पर अंग्रेज हुकूमत भी बातचीत के लिए मजबूर हो जाती थी, लेकिन आज लोकतंत्र का दावा करने वाली सत्ता देश के एक सम्मानित सामाजिक कार्यकर्ता की बात सुनने तक को तैयार नहीं है।

 

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