नई दिल्ली। ‘सॉरी मम्मी-पापा… मेरे अंदर दोबारा NEET देने की हिम्मत नहीं है’। ये 18 साल की आकांक्षा चतुर्वेदी के आखिरी शब्द हैं, जिसने NEET पेपर लीक से आहत होकर अपनी जान दे दी। आकांक्षा चतुर्वेदी डॉक्टर बनना चाहती थी, लेकिन पेपर लीक ने उसका सपना तोड़ दिया। एक परिवार
