नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने एक बार फिर सोमवार को सेक्सुअल रिलेशनशिप (Sexual Relationships) में शामिल टीनएजर्स से जुड़े मामलों में ‘प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट, 2012’ (POCSO एक्ट) के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने कहा
