तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। विश्वास प्रस्ताव के लिए सदन में हुई वोटिंग के दौरान कुल 144 विधायकों ने टीवीके (TVK) का समर्थन किया है, जबकि 22 विधायकों ने विश्वास प्रस्वात के विरोध में वोट डाला है। इस प्रक्रिया के दौरान 22 विधायकों ने सरकार का विरोध किया, जबकि 5 सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे।
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (Tamil Nadu Chief Minister C. Joseph Vijay) ने बुधवार को विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया है। विश्वास प्रस्ताव के लिए सदन में हुई वोटिंग के दौरान कुल 144 विधायकों ने टीवीके (TVK) का समर्थन किया है, जबकि 22 विधायकों ने विश्वास प्रस्वात के विरोध में वोट डाला है। इस प्रक्रिया के दौरान 22 विधायकों ने सरकार का विरोध किया, जबकि 5 सदस्य मतदान से अनुपस्थित रहे। ये फ्लोर टेस्ट नई सरकार की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए आयोजित किया गया था।
बता दें कि कुल 171 सदस्यों की भागीदारी वाली इस प्रक्रिया में विजय ने आसानी से स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। इससे राज्य में उनकी सरकार के बने रहने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट से पहले CM विजय ने तमिलनाडु कांग्रेस नेताओं और अन्य सहयोगी दलों के नेताओं के साथ बैठक की। सभी सहयोगी दलों ने TVK सरकार को पूर्ण समर्थन देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, AIADMK प्रमुख ईपीएस ने स्पष्ट कर दिया है कि एआईएडीएमके विजय के खिलाफ वोट करेगी।
IUML और डीएमके ने शराब दुकानों को बंद करने के फैसले को सराहा
IUML ने विशेष रूप से राज्य में 717 शराब दुकानों को बंद करने के फैसले की सराहना की और इसे TVK सरकार की अच्छी शुरुआत बताया। वहीं, एस कामराज ने भी विधानसभा में विश्वास मत के दौरान विजय सरकार का समर्थन किया। गौरतलब है कि टीवीके को समर्थन देने के कारण उन्हें (AMMK) से निष्कासित कर दिया गया था।
क्या रहा डीएमके का फैसला?
डीएमडीके ने 717 शराब की दुकानों को बंद करने के लिए टीवीके सरकार की सराहना की। डीएमडीके ने ‘सौदेबाजी’ के आरोप का जिक्र किया, विशेष ड्यूटी पर अधिकारी की नियुक्ति पर आपत्ति जताई। हालांकि उन्होंने मतदान से दूरी बनाने का फैसला किया।
डीएमके ने उठाया ये मुद्दा
डीएमके विधायक थामिमुन अंसारी ने विशेष ड्यूटी अधिकारी की नियुक्ति के मुद्दे पर टीवीके सरकार की आलोचना की। डीएमके के एमएच जवाहरुल्लाह का कहना है कि तमिलनाडु सरकार के कार्यक्रमों में तमिल राष्ट्रगान को सर्वोच्च स्थान मिलना चाहिए।
भाजपा-पीएमके और एआईएडीएमके का क्या रहा फैसला?
वहीं दूसरी ओर भाजपा का कहना है कि विश्वास मत की कार्यवाही पर उसका रुख ‘तटस्थ’ है। पीएमके (चार विधायक) की सौम्या अंबुमणि ने कहा कि उनकी पार्टी विश्वास मत पर मतदान से दूर रहेगी। एआईएडीएमके विधायक एडप्पादी के पलानीस्वामी का कहना है कि हम टीवीके सरकार के खिलाफ वोट करेंगे।
एआईएडीएमके के एक गुट ने किया समर्थन तो दूसरे ने किया विरोध
इसके अलावा, एआईएडीएमके के विधायकों के एक वर्ग, जिनमें से लगभग 30 विधायक वरिष्ठ नेता एसपी वेलुमणि और सीवे शनमुगम के नेतृत्व में हैं और पार्टी प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी के विरोधी हैं, ने सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है।
पलानीस्वामी के प्रति निष्ठा रखने वाले एआईएडीएमके विधायकों ने कहा है कि वे सरकार के खिलाफ मतदान करेंगे और चेतावनी दी है कि फरमान के खिलाफ जाने वाले पार्टी विधायकों पर दलबदल विरोधी कानून लागू होगा।