Thalapathy Vijay's Success Story : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रुझानों में तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी 'तमिलगा वेट्री कझगम' ने सबको चौंका दिया है। इसके साथ ही 77 साल पुराना डीएमके का किला ढहने जा रहा है और थलपति के नाम से मशहूर एक्टर विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने तय माना जा रहा है। हालांकि, विजय का फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में एंट्री लेना और पहली बार अकेले चुनाव लड़ते हुए बड़ी सफलता हासिल करना उनकी लोकप्रियता पैमाने को दर्शाता है।
Thalapathy Vijay’s Success Story : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के रुझानों में तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ ने सबको चौंका दिया है। इसके साथ ही 77 साल पुराना डीएमके का किला ढहने जा रहा है और थलपति के नाम से मशहूर एक्टर विजय तमिलनाडु के अगले मुख्यमंत्री बनने तय माना जा रहा है। हालांकि, विजय का फिल्मी दुनिया को छोड़कर राजनीति में एंट्री लेना और पहली बार अकेले चुनाव लड़ते हुए बड़ी सफलता हासिल करना उनकी लोकप्रियता पैमाने को दर्शाता है।
बाल कलाकार से थलपति बनने तक का सफर
22 जून, 1974 जन्में एक्टर विजय का पूरा नाम जोसेफ विजय चंद्रशेखर है, वह फिल्मी परिवार से आते हैं। विजय के पिता एस.ए. चंद्रशेखर एक निर्देशक हैं, जबकि उनकी मां शोभा चंद्रशेखर एक प्लेबैक सिंगर हैं। विजय ने अपने करियर की शुरुआत 1984 में एक बाल कलाकार के रूप में की थी और इसके बाद उन्होंने कई फिल्मों में काम किया। लेकिन, 1992 में आयी फिल्म नालैया थीरपु में वह बतौर हीरो नजर आए। जिसके बाद वह लीड रोल में नजर आने लगे हैं और उनकी लोकप्रियता बढ़ने लगीं। 1994 में विजय की फिल्म रसिगन, जिसे एक्टर के पिता एसए चंद्रशेखर ने बनाया था उसकी सफलता ने उन्हें इलायाथलपति यानी छोटा कमांडर का नाम दिया। जिस तरह से फैंस ने रजनीकांत को थलाइवा यानी बॉस, कमल हासन को उलनायगन यानी यूनिवर्सल हीरो की उपाधि दी है। विजय का ये नाम काफी समय तक चर्चा में रहा। हालांकि, बाद में विजय ने इलायाथलपति को बदलकर थलपति करने का फैसला किया। जिसका मतलब है कमांडर। उन्होंने अब तक 69 फिल्मों में काम किया है। जिनमें थेरी, राजाविन पारवैयिले, मिनसारा कन्ना, बीस्ट और शाहजहां जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।
थलपति विजय का राजनीतिक करियर
साल 2009 में एक्टर विजय ने अपने फैन क्लब ‘विजय मक्कल अय्यकम’ की शुरुआत की थी। जिसने 2011 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में AIADMK के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन दिया था। लेकिन, फरवरी 2019 में विजय ने मोदी सरकार की ओर से लाए गए नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि इससे देश की सामाजिक-धार्मिक सद्भाव बिगड़ जाएगा। वहीं, ‘विजय मक्कल अय्यकम’ फैन क्लब के सदस्यों ने 2022 के तमिलनाडु स्थानीय चुनावों में 115 सीटों पर जीत हासिल की। इस सफलता के बाद 2 फरवरी 2024 को विजय ने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ का ऐलान किया। इस बीच, 27 सितंबर 2025 को करूर में विजय की रैली के दौरान हुई भगदड़ ने उन्हें विवादों में ला दिया। रैली के दौरान भीड़ के दबाव से 41 लोगों की मौत हो गई। हालांकि, विधानसभा चुनावों में अकेले दम पर सरकार बनाने की ओर कदम बढ़ाकर विजय ने अपनी राजनीतिक लोकप्रियता को साबित किया है।