प्रियंका गांधी ने इसको लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि, हम सभी एजुकेशन पॉलिसी पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उसमें गड़बड़ी है, लेकिन सरकार चर्चा करने को तैयार ही नहीं है। उल्टा बच्चों पर ही आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उन्हें पीटा जा रहा है।
नई दिल्ली। शिक्षा प्रणाली में सुधार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले में छोड़े। संसद मार्च के दौरान पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने तक पहुंचे प्रदर्शनकारियों को लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया गया। वहीं, इसको लेकर विपक्षी दल के नेताओं के बयान आ रहे हैं और वो मोदी सरकार पर निशाना साध रहे हैं।
प्रियंका गांधी ने इसको लेकर सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि, हम सभी एजुकेशन पॉलिसी पर चर्चा की मांग कर रहे हैं, क्योंकि उसमें गड़बड़ी है, लेकिन सरकार चर्चा करने को तैयार ही नहीं है। उल्टा बच्चों पर ही आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उन्हें पीटा जा रहा है।
इसके साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि, ये सरकार नौजवानों और छात्रों पर लाठीचार्ज कर रही है। अगर आपको Examinations Conduct नहीं आता …तो सिंहासन खाली करो, जनता आएगी। ये लोग सत्ता में रहने लायक़ नहीं हैं। भगवान् के नाम पर चंदा चोरी हुआ, रामभक्त के नाम पर जनता से पैसे चोरी कर रहें हैं। मोदी जी को इसकी ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए है, क्योंकि उन्होंने Trust बनाया।
खरगे ने आगे कहा, नरेंद्र मोदी सिर्फ दूसरों का दोष निकालते रहते हैं, लेकिन आज तक खुद देश के लिए कुछ नहीं किया। एक तरफ तो नरेंद्र मोदी के बनाए ट्रस्ट में उन्हीं के चुने हुए लोग ‘चढ़ावा चोरी’ कर रहे हैं। दूसरी तरफ लाखों छात्र परेशान हैं, उनका जीवन तबाह हो रहा है। इन सबके जिम्मेदार नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार है।