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CMO और दवा माफियाओं के गठजोड़ से फिर रहा स्वास्थ्य मंत्री की मेहनत पर पानी, अम्बेडकर नगर के टेंडर में ‘मेरठ’ का जिक्र क्यों?

अब अम्बेडकर नगर के दो टेंडर सामने आये हैं, जो 23 मार्च को जारी किए गए हैं। इन दोनों टेंडरों में डायग्नोस्टिक सेवाओं के संचालन हेतु 14,13,760.00 और 16,81,360.00 रुपयों की सामग्री क्रय करनी थी। इस टेंडर को आनन—फानन में जारी तो कर दिया गया लेकिन जब पर्दाफाश ने इस टेंडर की पड़ताल की दवा माफियाओं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की बड़ी मिलीभगत सामने आयी।

By टीम पर्दाफाश 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में फैले भ्रष्टाचार की परत अब और ज्यादा मोटी हो गयी है। दावा माफिया बेखौफ और मनमाने तरीके से विभाग के अंदर अपने सभी काम कर रहे हैं। इन सभी कामों में उनका साथ अधिकारी से लेकर मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) तक दे रहे हैं। अब स्वास्थ्य विभाग में एक ऐसा मामला सामने आया है, जो बेहद ही हैरान करने वाला है। दरअसल, लाखों रुपयों के टेंडर दवा माफिया खुद ही बना रहे हैं, जिसमें सीएमओ भी उनका पूरा साथ दे रहे हैं। पर्दाफाश न्यूज ने पहले भी बताया था कि, कैसे दवा माफिया मुकेश श्रीवास्वत अपने करीबी सीएमओ के जेम पोर्टल की आईडी और पासवर्ड लेकर करोड़ों की खरीद-फरोख्त और सप्लाई का बड़ा खेल खेलता है।

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अब अम्बेडकर नगर के दो टेंडर सामने आये हैं, जो 23 मार्च को जारी किए गए हैं। इन दोनों टेंडरों में डायग्नोस्टिक सेवाओं के संचालन हेतु 14,13,760.00 और 16,81,360.00 रुपयों की सामग्री क्रय करनी थी। इस टेंडर को आनन-फानन में जारी तो कर दिया गया लेकिन जब पर्दाफाश ने इस टेंडर की पड़ताल की दवा माफियाओं और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की बड़ी मिलीभगत सामने आयी।

दरअसल, अम्बेडकर नगर के इन दोनों टेंडरों को लिखा गया है कि, वित्तिय वर्ष 2025-26 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन 15th FC योजना गत स्वीकृत अर्बन आयुष्मान आरोग्य मन्दिर एवं राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के अर्न्तगत स्वीकृत नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र हेतु डायग्नोस्टिक सेवाओं के कुशल संचालन हेतु दिए गए दिशा निर्देश प्राप्त हुये है। उक्त दिशा निर्देश के क्रम में जनपद मेरठ में गतिविधिओं के संचालन हेतु FMR Code- FU-1.1.2 Dlagnostic Recurring Cost of Urban AAM@2,82,752.00 प्रति Urban AAM की दर से कुल धनराशि 14,13,760.00 रू0 प्राविधानित है। इसमें सबसे अहम है कि, अम्बेडकर नगर में डायग्नोस्टिक सेवाओं के संचालन के लिए क्रय किया जा रहा है तो ‘जनपद मेरठ’ में गतिविधियों के संचालन का जिक्र कहां से आ गया?

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सूत्रों की माने तो अम्बेडकर नगर समेत प्रदेश के दो दर्जन जिले ऐसे हैं, जहां पर दवा माफिया मुकेश श्रीवास्तव के करीबी ही सीएमओ तैनात हैं। इन सभी सीएमओ के जेम पोर्टल की आइडी और पासवर्ड इनके ही पास होते हैं और ये अपने मनमाने तरीके से पूरे प्रदेश में एक ही जैसे टेंडर निकालते हैं, जो अम्बेडकर नगर में निकले दोनों टेंडर में साफ दिख रह रहा है कि कैसे उसमें ‘मेरठ’ जनपद का जिक्र किया गया है। सूत्रों ने ये भी बताया कि, मुकेश श्रीवास्तव और उनके करीबी जिस जिले में काम कर रहे हैं, वहां के टेंडर वो खुद ही बनाते हैं और बिल्कुल एक जैसा भी होता है।

पर्दाफाश न्यूज ने पहले ही बताया था कि, मुकेश जिलों में अपने CMO की तैनाती कराने के बाद उनके जेम पोर्टल की आईडी और पासवर्ड हासिल कर लेता है, जिसके बाद शुरू करते हैं करोड़ो की खरीद फरोख्त और सप्लाई का बड़ा खेल। सबसे अहम बात ये है कि, दर्जनों जिलों के दवा और मेडिकल उपकरण की खरीद-फरोख्त का काम पहले ये राजधानी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित लेखराज मार्केट की दूसरी मंजिल से करते थे लेकिन पर्दाफाश न्यूज के खबर लिखने के बाद इन्होंने अपना कार्यालय लखनऊ में दूसरी जगह शिफ्ट कर लिया था। हालांकि, एक बार फिर दवा माफिया मुकेश श्रीवास्तव और सीएमओ की मिलीभगत फिर उजागर हो गयी है।

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