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महाशिवरात्रि पर इस बार बन रहे हैं कई दुर्लभयोग, महादेव की साधना से धन, यश, प्रतिष्ठा और संतान संबंधी बाधा होगी दूर

महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे तो वहीं शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगेगी। इसके अलावा कहीं फलाहारी खिचड़ी बांटी जाएगी तो कहीं शिवजी की बारात भी निकालने की तैयारियां हो रही है तो कहीं बोल बम, जय शिव और जय महाकाल की गूंज सुनाई देगी।

By santosh singh 
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उज्जैन। महाशिवरात्रि (Mahashivratri) का पर्व 26 फरवरी को मनाया जाएगा। इस अवसर पर शहर में विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे तो वहीं शिव मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगेगी। इसके अलावा कहीं फलाहारी खिचड़ी बांटी जाएगी तो कहीं शिवजी की बारात भी निकालने की तैयारियां हो रही है तो कहीं बोल बम, जय शिव और जय महाकाल की गूंज सुनाई देगी।

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इस बार महाशिवरात्रि पर कई दुर्लभ योग का निर्माण हो रहा है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri)  के दिन सूर्य, चंद्रमा और शनि का विशेष त्रिग्रही योग (Trigrahi Yoga) बन रहा है। यह योग सफलता और समृद्धि का प्रतीक है। महाशिवरात्रि (Mahashivratri)  के दिन शिव योग (Shiva Yoga) और सिद्ध योग (Siddha Yoga) का संयोग बन रहा है। इन योगों में की गई पूजा-अर्चना से मनोकामनाएं जल्दी पूर्ण होती हैं। इसके अलावा महाशिवरात्रि के दिन अमृत सिद्धि योग (Amrit Siddhi Yoga) का भी निर्माण हो रहा है। इस योग में किए गए कार्य और व्रत का फल कई गुना अधिक मिलता है।

पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 26 फरवरी को सुबह 11:08 मिनट से होगी। इस तिथि का समापन अगले दिन 27 फरवरी को सुबह 8:54 मिनट पर होगा। महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर निशा काल में भगवान शिव की पूजा की जाती है। अत: 26 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि (Mahashivratri)  के पर्व काल में धर्म शास्त्रीय मान्यता के अनुसार चार प्रहर की साधना का विशेष महत्व है। प्रत्येक प्रहर में भगवान शिव की उपासना के अलग-अलग प्रकार का वर्णन मिलता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यथा श्रद्धा, यथा प्रहर, यथा स्थिति और यथा उपचार के अनुसार साधना करनी चाहिए। चार प्रहर की साधना से धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है। जिनके जीवन में संतान संबंधी बाधा हो रही हो, उन्हें भी यह साधना अवश्य करनी चाहिए।

भोपाल : मध्यप्रदेश से अक्षय की रिपोर्ट

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