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UCC Implemented Today: उत्तरखण्ड में आज से लागू होगा यूसीसी; हलाला, बहुविवाह समेत इन चीजों पर लगेगी रोक

Uttarakhand UCC Implemented Today: उत्तराखंड में धामी सरकार आज यानी 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने जा रही है। प्रदेश सरकार यह कदम ऐसे वक्त पर उठाने जा रही है, जब पीएम नरेंद्र मोदी देहरादून के दौरे पर आने वाले हैं। उनका दौरा 28 जनवरी को तय है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी 27 जनवरी को यूसीसी पोर्टल भी लॉन्च करेंगे।

By Abhimanyu 
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Uttarakhand UCC Implemented Today: उत्तराखंड में धामी सरकार आज यानी 27 जनवरी को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने जा रही है। प्रदेश सरकार यह कदम ऐसे वक्त पर उठाने जा रही है, जब पीएम नरेंद्र मोदी देहरादून के दौरे पर आने वाले हैं। उनका दौरा 28 जनवरी को तय है। उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी 27 जनवरी को यूसीसी पोर्टल भी लॉन्च करेंगे।

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जानकारी के अनुसार, समान नागरिक संहिता यानी यूसीसी पोर्टल 27 जनवरी को दोपहर 12:30 बजे सचिवालय में लॉन्च किया जाएगा। इसी के साथ उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन जाएगा। सीएम के सचिव शैलेश बगोली ने बताया कि यूसीसी को लागू करने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। इसको लेकर मॉक ड्रिल भी भी की गई है।

यूसीसी लागू होने पर क्या-क्या होंगे बदलाव

1- यूसीसी लागू होने के बाद लड़कियों की शादी की उम्र चाहे वह किसी भी जाति-धर्म की हो, एक समान होगी।

2- यूसीसी लागू होने पर सभी धर्मों में बच्चों को गोद लेने का अधिकार मिलेगा। हालांकि, दूसरे धर्म के बच्चे को गोद नहीं लिया जा सकेगा।

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3- यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में हलाला, बहुविवाह जैसी कुप्रथा पर रोक होगी।

4- यूसीसी लागू होने पर उत्तराधिकार में लड़कियों को लड़कों के बराबर की हिस्सेदारी होगी।

5- इसके लागू होने के बाद उत्तराखंड में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन कराना भी कपल्स के लिए अनिवार्य होगा।

6- लिव-इन रिलेशनशिप के दौरान पैदा होने वाले बच्चे को भी शादीशुदा जोड़े के बच्चे की तरह अधिकार मिलेगा।

7- यूसीसी के नियम-कानून से अनुसूचित जनजाति को बाहर रखा गया है। साथ ही ट्रांसजेंडर, पूजा-पद्धति व परंपराओं में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।

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8- यूसीसी के तहत अगर कोई सैनिक, वायुसैनिक या नौसैनिक विशेष अभियान में है, तो वह विशेषाधिकार वाली वसीयत कर सकता है। जवान अपने हाथ से कोई वसीयत लिखता है और उसमें उसके हस्ताक्षर या फिर साक्ष्य (अटेस्टेड) नहीं है, तो भी वह मान्य होगी। हालांकि, इसकी पुष्टि होनी जरूरी है कि वह हस्तलेख सैनिक का ही है।

9- यूसीसी में विवाह का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए कट ऑफ डेट 27 मार्च 2010 रखी गई है। यानी इस दिन से हुए सभी विवाह पंजीकृत कराने होंगे। इसके लिए विवाह का पंजीकरण छह माह के भीतर करना होगा।

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