मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को परीक्षा प्रक्रिया की मर्यादा एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ अथवा संप्रदाय की आस्था एवं गरिमा के संबंध में किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होगी।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसआई परीक्षा के पहले दिन आए एक प्रश्न को लेकर सियासी बवाल शुरू हो गया है। सत्तापक्ष और विपक्ष के नेताओं की तरफ से इस प्रश्न को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ अथवा संप्रदाय की आस्था एवं गरिमा के संबंध में किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को परीक्षा प्रक्रिया की मर्यादा एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ अथवा संप्रदाय की आस्था एवं गरिमा के संबंध में किसी भी प्रकार की अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होगी। इसके दृष्टिगत सभी पेपर सेटर्स को भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएं तथा ऐसे हैबिचुअल ऑफेंडर्स को तत्काल प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा है कि, यह प्रावधान पेपर सेटर्स के साथ किए जाने वाले एमओयू का भी अनिवार्य हिस्सा बनाया जाए, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की शुचिता, संवेदनशीलता एवं गरिमा अक्षुण्ण बनी रहे।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने सभी भर्ती बोर्ड के चेयरपर्सन्स को परीक्षा प्रक्रिया की मर्यादा एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ अथवा संप्रदाय की आस्था एवं गरिमा के संबंध में किसी भी प्रकार की…
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) March 15, 2026
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डिप्टी सीएम ने उठाया था सवाल
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने यूपी एसआई की परीक्षा में आए प्रश्न पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा था कि, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में आए एक प्रश्न को लेकर जो विकल्प दिए गए उन पर हमे कड़ी आपत्ति है ।सरकार ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। किसी भी प्रश्न से किसी समाज या वर्ग की गरिमा को ठेस पहुँचती है तो यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूँ कि किसी भी जाति, समुदाय या परंपरा के प्रति अपमानजनक शब्दों को कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए। इस पूरे मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं ।संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश सरकार सभी समाजों के सम्मान, समानता और संवेदनशीलता के सिद्धांत पर काम करती है। प्रदेश के हर नागरिक की गरिमा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ये है पूरा मामला
दरअसल, यूपी एसआई परीक्षा के पहले दिन आए एक प्रश्न ने बवाल खड़ा कर दिया। इस प्रश्न में एक जाति को शामिल कर दिया गया था, जिसके कारण प्रदेश में नया सियासी बवाल शुरू हो गया है। परीक्षा में पूछे गए इस प्रश्न में ‘अवसर के अनुसार बदलने वाला’ इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन करना था। इसके लिए चार विकल्प दिए गए थे। इसमें चार विकल्पों में पहला है सदाचारी, दूसरा पंडित, तीसरा अवसरवादी और चौथा निष्कपट था। दूसरे विकल्प पंडित को लेकर अब बवाल शुरू हो गया है। लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया कि है, आखिर क्यों ब्राह्मण समाज को अपमानित किया जा रहा है।