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नोबेल शांति पुरस्कार नहीं लगा हाथ तो भड़के US राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, व्हाइट हाउस ने नोबेल कमेटी को बताया ‘सियासी कठपुतली’

Nobel Peace Prize 2025 : नोबेल शांति पुरस्कार 2025 (Nobel Peace Prize 2025) की सबसे ज्यादा चर्चा उस नाम की हुई जो इसमें शामिल नहीं था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) जो खुद को “शांति निर्माता” बताते थे। जब इस साल के नोबेल अवॉर्ड (Nobel Prize) से बाहर रह गए तो व्हाइट हाउस (White House) में गुस्से की लहर दौड़ गई। ट्रंप कई बार खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize ) मांग चुके हैं।

By santosh singh 
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Nobel Peace Prize 2025 : नोबेल शांति पुरस्कार 2025 (Nobel Peace Prize 2025) की सबसे ज्यादा चर्चा उस नाम की हुई जो इसमें शामिल नहीं था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) जो खुद को “शांति निर्माता” बताते थे। जब इस साल के नोबेल अवॉर्ड (Nobel Prize) से बाहर रह गए तो व्हाइट हाउस (White House) में गुस्से की लहर दौड़ गई। ट्रंप कई बार खुद के लिए नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize ) मांग चुके हैं।

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व्हाइट हाउस (White House) ने खुलकर नोबेल कमेटी (Nobel Committee) पर हमला बोला और कहा कि यह फैसला “Peace से ज्यादा Politics” पर आधारित है। राष्ट्रपति ट्रंप के कम्युनिकेशन डायरेक्टर स्टीवन चियुंग (Steven Cheung, Communications Director for President Trump) ने X पर लिखा कि “नोबेल कमेटी (Nobel Committee) ने फिर साबित कर दिया कि वे शांति से ज्यादा सियासत को तरजीह देते हैं। उन्होंने कहा कि यह फैसला पक्षपातपूर्ण है और वास्तविक वैश्विक शांति की प्रतिबद्धता से कोसों दूर।

व्हाइट हाउस का पलटवार- ट्रंप जैसे कोई नहीं

स्टीवन चियुंग (Steven Cheung) ने अपने बयान में लिखा कि राष्ट्रपति ट्रंप पूरी दुनिया में शांति स्थापित करने, युद्ध खत्म करने और जानें बचाने का काम जारी रखेंगे। उनके जैसा इंसान नहीं है जो अपनी इच्छाशक्ति से पहाड़ भी हिला दे। व्हाइट हाउस का यह बयान साफ तौर पर नोबेल कमेटी के खिलाफ राजनीतिक हमला माना जा रहा है। खासकर तब जब ट्रंप प्रशासन अपने “शांति समझौतों” को एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश करता रहा है।

ट्रंप का ओबामा पर पुराना वार दोहराया

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नोबेल परिणाम आने से कुछ घंटे पहले ही ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज़ में बराक ओबामा पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, कि ओबामा को नोबेल मिला था कुछ किए बिना। उन्हें सिर्फ चुने जाने के लिए अवॉर्ड दे दिया गया, जबकि उन्होंने हमारे देश को तबाह कर दिया। ट्रंप का यह बयान उस पुराने विवाद को फिर जिंदा कर गया जब ओबामा को 2009 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, पद संभालने के कुछ ही महीनों के भीतर।

ट्रंप बोले- मुझे पहचान नहीं, नतीजे चाहिए

ट्रंप ने कहा कि वह “पहचान के नहीं, नतीजों के लिए काम करते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके नेतृत्व में अमेरिका ने “गाजा में शांति की दिशा में काम किया और आठ युद्धों को खत्म किया। ट्रंप प्रशासन ने हाल ही में Peace Research Institute Oslo (PRIO) पर भी प्रभाव डालने की कोशिश की, जो नोबेल चयन प्रक्रिया में सलाहकार भूमिका निभाता है।

नोबेल कमेटी ने वेनेजुएला की माचाडो को दिया सम्मान

इस साल नोबेल शांति पुरस्कार 2025 (Nobel Peace Prize 2025)  मिला है वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो को, जिन्हें “तानाशाही से लोकतंत्र की ओर शांतिपूर्ण परिवर्तन और नागरिक अधिकारों की रक्षा” के लिए चुना गया। उन्हें 11 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 1.2 मिलियन अमेरिकी डॉलर) की राशि मिलेगी। समारोह 10 दिसंबर को ओस्लो में होगा।

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अमेरिकी राष्ट्रपति और नोबेल का रिश्ता

अब तक चार अमेरिकी राष्ट्रपति थिओडोर रूजवेल्ट (1906), वुडरो विल्सन (1919), जिमी कार्टर (2002) और बराक ओबामा (2009) को नोबेल शांति पुरस्कार (Nobel Peace Prize) मिल चुका है। ट्रंप इस लिस्ट में अपना नाम जोड़ना चाहते थे। मगर फिलहाल उन्हें सिर्फ “राजनीतिक साजिश” की शिकायत ही मिली है।

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