Maha Kumbh Traffic Jam: प्रयागराज महाकुंभ मेले में हर रोज एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। संगम नगरी में 13 जनवरी से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं आंकड़ा 50 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जोकि सरकार की ओर से लगाए गए अनुमान से 10 करोड़ ज्यादा है। वहीं, महाकुंभ अभी 26 फरवरी तक चलने वाला है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ श्रद्धालु जाम से बचने के लिए नाव महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए रवाना हुए हैं।
Maha Kumbh Traffic Jam: प्रयागराज महाकुंभ मेले में हर रोज एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। संगम नगरी में 13 जनवरी से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं आंकड़ा 50 करोड़ के पार पहुंच चुका है, जोकि सरकार की ओर से लगाए गए अनुमान से 10 करोड़ ज्यादा है। वहीं, महाकुंभ अभी 26 फरवरी तक चलने वाला है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ श्रद्धालु जाम से बचने के लिए नाव महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए रवाना हुए हैं।
दरअसल, महाकुंभ में डुबकी लगाने के लिए देश-दुनिया से भारी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। जिसकी वजह से पिछले दिनों लोगों को प्रयागराज जाने वालों रास्तो पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला था, लोग घंटो तक जाम में फंसे रहे। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनको लेकर दावा किया जा रहा है कि कुछ श्रद्धालु जाम से बचने के लिए नाव में बैठकर नदी के रास्ते बक्सर से प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। मन्नू बाबू (mannubabu804) नाम से इंस्टाग्राम आईडी से ये वीडियो शेयर किए गए हैं। जिसमें 6 लोग एक मोटर बोट से सफर करते नजर आ रहे हैं।
View this post on Instagram
पढ़ें :- वॉयेजर की खोज और ब्रह्मांडीय शिवलिंग! आकाशगंगा के प्रत्येक सौरमंडल में बनते हैं सौर-शिवलिंग, दिखता है विज्ञान, गणित और आस्था का सौंदर्य
वायरल वीडियोज में से एक वीडियो में ‘बक्सर टू महाकुंभ’ लिखा। एक वीडियो पर ‘गाजीपुर पुल’ लिखा हुआ है। इस वीडियो में एक युवक बोलते सुना जा सकता है कि वह कैसे गाजीपुर पीपा पुल पार करेगा। इस आईडी से महाकुंभ स्नान का वीडियो भी शेयर किया गया है। हालांकि, इन वीडियो को लेकर दावों की हम पुष्टि नहीं करते हैं।
View this post on Instagram
पढ़ें :- CWG 2026: भारत ने जूडो में जीता दूसरा स्वर्ण पदक, अस्मिता के बाद हर्ष ने रचा इतिहास