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VIDEO : महाकुंभ जाने के सवाल पर फारूक अब्दुल्ला,बोले -‘मेरा खुदा पानी में नहीं रहता’,घर में नहाता हूं…

नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Former Chief Minister of Jammu and Kashmir Farooq Abdullah) ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ (Maha Kumbh) में जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं तो घर में नहाता हूं। मेरा खुदा जो है वो पानी में नहीं है। मेरा खुदा न मस्जिद में है, न मंदिर में है, न गुरुद्वारे में है। मेरा खुदा मेरे दिल में है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। नेशनल कॉन्फ्रेंस (National Conference) के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला (Former Chief Minister of Jammu and Kashmir Farooq Abdullah) ने प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ (Maha Kumbh) में जाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मैं तो घर में नहाता हूं। मेरा खुदा जो है वो पानी में नहीं है। मेरा खुदा न मस्जिद में है, न मंदिर में है, न गुरुद्वारे में है। मेरा खुदा मेरे दिल में है।

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इंडिया गठबंधन को लेकर उन्होंने कहा कि इंडिया अलायंस अच्छी चल रही है। भविष्य में भी अच्छी चलेगी। दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि पांच फरवरी को दिल्ली में चुनाव होगा, जिसका फैसला जनता करेगी। वो लोग यहां भी कह रहे थे कि आगे हम असेंबली आएंगे। कहां गए आज उनकी बोलती बंद है?

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कोविड वैक्सीन बिना ट्रायल के लगी, जिसका नतीजा आज हम देख रहे हैं

आतंकवाद को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि आप उनसे पूछिए जो संसद में और बाहर बयान दे रहे हैं कि आतंकवाद खत्म हो गया है। अगर आतंकवाद खत्म हुआ है तो यह जो हमले हो रहे हैं, वो कैसे हो रहे हैं? वहीं कोविड वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा कि वह बिना ट्रायल के लगी, जिसका आज हम नतीजा देख रहे हैं।

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उन्होंने आगे कहा कि जब मैं जम्मू के मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो यहां साफ-सफाई बहुत थी। डॉक्टर बहुत कम थे, लेकिन लोगों को उम्मीद बहुत थी। उस समय के प्रिंसिपल ने जो पहली बात हमें समझाई वो यह थी कि पहले मरीज के दिल को जीतो। उसे लगना चाहिए कि तुम उसके अपने हो। मैं जीवन भर वह बातें भूल नहीं सकता।

हमारे अस्पताल पश्चिम के अस्पतालों से मुकाबला कब करेंगे : अब्दुल्ला

उन्होंने कहा कि मरीज के लिए भगवान के बाद आप हैं, क्योंकि उसे आपसे उम्मीद है। वहीं आज के डॉक्टर के पास बहुत काम है। आज हर तरफ मरीज और सिफारिशें हैं। वह जमाना और था तब ऑपरेशन कम थे। मैं हमेशा सोचता हूं कि कब हमारे अस्पताल पश्चिम के अस्पतालों से मुकाबला करेंगे। अब मशीनों की कमी नहीं है।

पिछले 10 सालों में किसी भी नर्स को नौकरी नहीं दी गई

डॉक्टरों के बाद काम नर्सों का है, लेकिन दुख के साथ बताना पड़ता है कि पिछले 10 सालों में किसी भी नर्स को नौकरी नहीं दी गई। आज हम दौलत के पुजारी हो गए। दौलत के पुजारी ने हमें मारा है, जो दौलत और कुर्सी के पीछे दौड़ता है उसे न तो दौलत मिलेगी न ही कुर्सी मिलेगी। पुराने मेडिसिन में कई ऐसी चीज थी जो आज नहीं है।

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