कर्नाटक की कलबुर्गी सेंट्रल जेल (Kalaburagi Central Jail) से तीन सज़ा-याफ़्ता कैदी फरार हो गए थे। इसमें से एक को कर्नाटक पुलिस (Karnataka Police) ने गिरफ़्तार कर लिया है। बताया जाता है कि गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसके पैर में गोली लग गई।
नई दिल्ली। कर्नाटक की कलबुर्गी सेंट्रल जेल (Kalaburagi Central Jail) से तीन सज़ा-याफ़्ता कैदी फरार हो गए थे। इसमें से एक को कर्नाटक पुलिस (Karnataka Police) ने गिरफ़्तार कर लिया है। बताया जाता है कि गिरफ्तारी का विरोध करते हुए उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और उसके पैर में गोली लग गई। पुलिस ने बताया कि भागे हुए कैदियों का पता लगाने के लिए कलबुर्गी, बीदर और यादगीर ज़िलों के कर्मचारियों के साथ विशेष टीमें बनाई गई थी। एक गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने भागे हुए कैदी संतोष को कपनूर इंडस्ट्रियल एरिया (Kapnoor Industrial Area) में ढूंढ निकाला।
Kalaburagi Central Jail Escape Captured on CCTV; Three Convicts Flee
Three convicted prisoners escaped from #Kalaburagi Central Jail in the early hours after allegedly breaking the iron bars of a barrack window, officials said. CCTV footage accessed from… pic.twitter.com/JcINI1LEzL
— Mahesh M Goudar (@IamMGoudar) July 15, 2026
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पुलिस के अनुसार जब अधिकारियों ने संतोष को गिरफ़्तार करने की कोशिश की तो उसने उन पर हमला कर दिया। पुलिस ने पहले हवा में चेतावनी के तौर पर गोली चलाई, लेकिन जब उसने हमला जारी रखा और सरेंडर करने से इनकार कर दिया, तो अधिकारियों ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे उसके दाहिने पैर में चोट लग गई। इस घटना में दो पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। घायल कैदी और पुलिसकर्मियों को अस्पताल ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
पुलिस ने कहा कि बाकी दो भागे हुए कैदियों का पता लगाने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। कैदियों के जेल की दीवार से कूदकर भागने से वीडियो भी सामने आया था। जिसमें देखा जा सकता है कि तीनों जेल की दीवार फांदकर फरार हो गए। शरणप्पा, पुलिस कमिश्नर, कलबुर्गी ने बताया कि इस घटना के बाद पार्थबाद पुलिस स्टेशन में एक शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। भागे हुए कैदियों का पता लगाने के लिए सिटी पुलिस और नॉर्थ-ईस्टर्न रेंज की ओर से स्पेशल टीमें बनाई गईं।
डीआईजी ने क्या कहा?
DIG, बीदर और कलबुर्गी के SP और आस-पास के ज़िलों की पुलिस को भी अलर्ट मैसेज भेजे गए और कई स्पेशल टीमें तैनात की गईं। डीआईजी के मुताबिक बुधवार सुबह जब हमारी टीमें तलाशी अभियान चला रही थीं, तो पार्थबाद पुलिस इंस्पेक्टर को पक्की जानकारी मिली कि हुमनाबाद रिंग रोड के पास इंडस्ट्रियल एरिया में एक संदिग्ध व्यक्ति देखा गया है, जो भागे हुए कैदियों में से एक की फ़ोटो से मेल खाता था। पुलिस टीम तुरंत उस जगह पहुंची। वहां पहुंचने पर उन्हें सज़ा-याफ़्ता कैदी संतोष बसप्पा मेट्रे (Santosh Basappa Metre) भागने की कोशिश करते हुए मिला। जब पुलिस ने उसे पकड़ने की कोशिश की, तो उसने अफ़सरों पर जानलेवा हमला कर दिया।
इस हमले में दो पुलिसकर्मी, कल्याणी और प्रकाश, घायल हो गए। जब आरोपी लगातार हमला करता रहा और भागने की कोशिश की, तो पुलिस ने पहले हवा में चेतावनी के तौर पर गोली चलाई। उसके बाद भी वह हमला करता रहा। अपनी सुरक्षा और उसे भागने से रोकने के लिए पुलिस ने उस पर गोली चलाई, जिससे उसके दाहिने पैर में चोट लगी। घायल पुलिसकर्मियों और सज़ा-याफ़्ता कैदी को GIMS हॉस्पिटल ले जाया गया। तीनों की हालत स्थिर है। इस घटना के संबंध में एक अलग मामला भी दर्ज किया जाएगा और जांच की जाएगी।