राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी-ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं। सरकार चाहे इसे “नॉर्मल” बताए, लेकिन हकीकत ये है: उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ेंगे और FII का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाज़ार पर दबाव बढ़ेगा।
नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले रुपया लगातार कमजोर होता जा रहा है। डॉलर के मुकाबले आज रुपया 94 के पार पहुंच गया है। इसकेा लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति सिर्फ बयानबाज़ी है। यह सिर्फ वक्त की बात है-चुनाव के बाद पेट्रोल, डीज़ल, LPG की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी-ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं। सरकार चाहे इसे “नॉर्मल” बताए, लेकिन हकीकत ये है: उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोज़मर्रा की चीज़ों के दाम बढ़ेंगे और FII का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाज़ार पर दबाव बढ़ेगा।
रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज़ बढ़ोतरी – ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं।
सरकार चाहे इसे “नॉर्मल” बताए, लेकिन हकीकत ये है:
• उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे
• MSMEs को सबसे ज्यादा चोट…पढ़ें :- महिलाओं को 1500, युवाओं को भत्ता-ममता का मास्टरस्ट्रोक, चुनाव से पहले घोषणा पत्र में वादों की बरसात
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) March 21, 2026
उन्होंने आगे लिखा, यानी, हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। और यह सिर्फ वक्त की बात है-चुनाव के बाद पेट्रोल, डीज़ल, LPG की कीमतें भी बढ़ा दी जाएंगी। मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति – सिर्फ बयानबाज़ी है। सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है-सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है।
बता दें कि, ईरान—इजरायल और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। इस युद्ध को लेकर कई तरह के संकट बढ़ने लगे हैं। इन सबके बीच अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में लगातार गिरावट भी देखने को मिल रही है। अब एक डॉलर के मुकाबले रुपया 94 पार हो गया है।