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हरदीप सिंह पुरी और Epstein का क्या रिश्ता है? कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूछा सवाल

पवन खेड़ा ने आगे कहा, हरदीप पुरी ने कहा-हम लोगों में से कुछ को Epstein के क्रिमिनल रिकॉर्ड होने पर शक था। जबकि 2008 में ही Epstein ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल लिया था, उसे सजा हो गई थी। Epstein के गुनाह कबूलने के बाद भी 2014 में हमारे मंत्री हरदीप पुरी के मन में संशय था। यह मंत्री हैं, यह इनकी नैतिकता की Quality है। ऐसे में हरदीप पुरी को कैसे सही ठहराया जा सकता है?

By शिव मौर्या 
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नई दिल्ली। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कांग्रेस कार्यालय में प्रेस कॉफ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने कहा कि, पिछले कुछ समय से Epstein Files को लेकर पूरे विश्व में चर्चा है। इस मामले को लेकर 7 देशों के नेताओं ने इस्तीफे दिए हैं। दुख की बात है कि नरेंद्र मोदी और हरदीप सिंह पुरी का नाम भी इसमें शामिल है। हरदीप सिंह पुरी ने इस बारे में मुंह खोला। कुछ इंटरव्यू दिए, जिनमें जमकर झूठ बोला। ये वही हरदीप सिंह पुरी हैं, जिन्हें बिना सांसद बने ही नरेंद्र मोदी ने मंत्री बना दिया।

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उन्होंने आगे कहा, हरदीप सिंह पुरी ने कहा-जब वे पहली बार एपस्टीन से मिलने जा रहे थे तो उन्हें पता ही नहीं था कि वे कहां जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें कहा गया था कि ड्राइवर उन्हें छोड़ देगा ये कितना शर्मनाक है कि ऐसी बात एक फॉरेन सर्विस का अधिकारी कह रहा है, जो कि अमेरिका में एम्बेसडर था। कांग्रेस नेता ने आगे कहा, हरदीप सिंह पुरी ने इंटरव्यू में यह भी कहा-एपस्टीन से मिलने जाते वक़्त मैं थोड़ा असहज हुआ तो गूगल किया कि कहां जा रहा हूं और फिर आपस में पूछा कि क्या एपस्टीन से मिलने जाना चाहिए। सवाल है- ये सब जब हुआ तो क्या हरदीप सिंह पुरी बच्चे थे?

पवन खेड़ा ने आगे कहा, हरदीप पुरी ने कहा-हम लोगों में से कुछ को Epstein के क्रिमिनल रिकॉर्ड होने पर शक था। जबकि 2008 में ही Epstein ने कोर्ट में अपना गुनाह कबूल लिया था, उसे सजा हो गई थी। Epstein के गुनाह कबूलने के बाद भी 2014 में हमारे मंत्री हरदीप पुरी के मन में संशय था। यह मंत्री हैं, यह इनकी नैतिकता की Quality है। ऐसे में हरदीप पुरी को कैसे सही ठहराया जा सकता है?

इसके साथ ही कहा, हरदीप सिंह पुरी ने एक इंटरव्यू में कहा-मेरी Epstein से ज्यादा बात नहीं हुई। एक दो इमेल हुए और तीन-चार बार मुलाकात हुई। ये सरासर झूठ है। हरदीप सिंह पुरी ने एक और इंटरव्यू में कहा- मैंने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा। ये बात भी झूठ है, क्योंकि हरदीप पूरी खुद पूछते थे—Jeff, Can I See You? Jeff, Are You In Town? जब हरदीप सिंह पुरी ने कभी अपॉइंटमेंट नहीं मांगा तो फिर ये सब क्या था। क्या आप पर मोदी का दबाव था कि जाइए और Epstein से मिलिए। 2014-16 के बीच भारत के 3 राजदूत अमेरिका में रहे। सवाल है- आखिर किसके निर्देश पर रिटायर हो चुके हरदीप सिंह पुरी को Epstein से मिलने भेजा जाता था।

उन्होंने आगे कहा, 13 नवंबर 2014 को Reid Hoffman को Epstein ने एक मेल भेजा, जिसमें वो ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे रहा था। जबकि ‘डिजिटल इंडिया’ जुलाई, 2015 में शुरू हुआ था। इसका मतलब है कि हरदीप पुरी ने भारत के नागरिकों से पहले ही Epstein को ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे दी थी। हम सोच रहे थे- इस देश की सरकार को एक ‘माई का लाल’ चला रहा था, जबकि सच्चाई यह है कि अमेरिका में बैठा ‘एक दलाल’ चला रहा था। हरदीप पुरी कह रहे हैं- मैं तो Epstein को ‘डिजिटल इंडिया’ की जानकारी दे रहा था। अब सवाल है कि हरदीप पुरी को यह जानकारी कहां से मिली, वो तो सरकार का हिस्सा नहीं थे। नरेंद्र मोदी बताएं-आप हरदीप पुरी के माध्यम से देश की जानकारी किसे और क्यों दिलवा रहे थे? आखिर मोदी जी, हरदीप पुरी और Epstein का क्या रिश्ता है?

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