बांग्लादेश (Bangladesh) में एक बार फिर एक हिंदू युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। युवक की पहचान चंचल चंद्र भौमिक (Chanchal Chandra Bhowmik) के रूप में हुई है, जो नरसिंहदी इलाके में एक गैराज में सो रहा था। उसी दौरान अज्ञात लोगों ने गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिसमें जिंदा जलकर चंचल की दर्दनाक मौत हो गई।
नई दिल्ली। बांग्लादेश (Bangladesh) में एक बार फिर एक हिंदू युवक की निर्मम तरीके से हत्या कर दी गई है। युवक की पहचान चंचल चंद्र भौमिक (Chanchal Chandra Bhowmik) के रूप में हुई है, जो नरसिंहदी इलाके में एक गैराज में सो रहा था। उसी दौरान अज्ञात लोगों ने गैराज में पेट्रोल डालकर आग लगा दी, जिसमें जिंदा जलकर चंचल की दर्दनाक मौत हो गई। बांग्लादेश के पत्रकार सलाह उद्दीन शोएब चौधरी (Salah Uddin Shoaib Chowdhury, Bangladeshi journalist) ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में मामले की पूरी जानकारी दी।
बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार ने दी पूरी जानकारी
सलाहउद्दीन शोएब चौधरी (Salahuddin Shoaib Chowdhury) ने लिखा कि बांग्लादेश में एक बार फिर हिंदू युवक को जलाकर मार डाला गया है। पहले दीपू चंद्र दास (Deepu Chandra Das) को मेमनसिंह में जलाकर मारा गया। उसके बाद शरियातपुर में खोकन चंद्र दास को मारा गया और अब नरसिंहदी में चंचल चंद्र भौमिक (Chanchal Chandra Bhowmik) को एक दुकान में जिंदा जलाकर मार डाला गया। यह घटना शुक्रवार रात घटित हुई।
सलाहउद्दीन ने लिखा, चंचल चंद्र भौमिक (Chanchal Chandra Bhowmik) कोमिला जिले के लक्ष्मीपुर गांव का निवासी था और अपने पिता की मौत के बाद घर चलाने की जिम्मेदारी उसी के कंधों पर थी। चंचल की मां बीमार रहती है और उसका एक भाई दिव्यांग है। वह बीते छह साल से नरसिंहदी में रूबल मियां नामक व्यक्ति के गैराज में काम करता था और नरसिंहदी में ही रहता था।
स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार को चंचल काम खत्म करने के बाद गैराज में ही सो गया। पास लगे एक सीसीटीवी (CCTV) में दिखा कि देर रात एक व्यक्ति ने चंचल को मारने के इरादे से पेट्रोल डालकर गैराज में आग लगा दी। आग लगाने के काफी देर बाद तक आरोपी वहां खड़ा रहा और जब उसे विश्वास हो गया कि चंचल की मौत हो गई है, तब वहां से गया। चंचल के परिवार ने भी हत्या का आरोप लगाया है। स्थानीय लोगों ने पहचान जाहिर न करने की शर्त पर आशंका जताई कि धार्मिक कारण से ही चंचल की हत्या की गई है। बांग्लादेश के हिंदू संगठनों और आम लोगों में इस घटना को लेकर घबराहट और डर का माहौल है। हिंदू संगठनों ने घटना को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की।
उस्मान हादी की हत्या के बाद से हिंदू अल्पसंख्यकों को बनाया जा रहा निशाना
पिछले कुछ महीनों में बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों को निशाना बनाकर हिंसा की कई घटनाएं सामने आई हैं। यह सिलसिला छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद तेज हुआ। 18 दिसंबर को एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करने वाले दिपू चंद्र दास (Dipu Chandra Das) को ईशनिंदा के आरोप में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला और बाद में उसके शव को आग के हवाले कर दिया गया।
इसके कुछ दिनों बाद पुलिस के अनुसार कुख्यात अपराधी बताए गए अमृत मंडल (Amrit Mandal) को राजबाड़ी जिले में जबरन वसूली के आरोप में भीड़ ने पीटकर मौत के घाट उतार दिया। बीते हफ्ते हिंदू व्यापारी लिटन चंद्र दास (Hindu businessman Litan Chandra Das) की भीड़ ने हत्या कर दी। एक अन्य मामले में पेट्रोल पंप पर काम करने वाले रिपन साहा को एक वाहन ने कुचल दिया। वाहन बिना भुगतान किए भाग रहा था और साहा ने उसे रोकने की कोशिश की थी।