वृंदावन (Vrindavan) के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj) प्रवचन के दौरान भक्तों के सवालों का जवाब देते हैं। एक महिला शिक्षिका के पूछने पर उन्होंने बताया कि, किन लोगों के पैर छूने पर पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं। बच्चों को हमेशा सिखाया जाता है कि, गुरु भगवान के समान होते हैं उनका आदर करना चाहिए।
मथुरा: वृंदावन (Vrindavan) के प्रसिद्ध संत श्री हित प्रेमानंद गोविंद शरण जी महाराज (Shri Hit Premanand Govind Sharan Ji Maharaj) प्रवचन के दौरान भक्तों के सवालों का जवाब देते हैं। एक महिला शिक्षिका के पूछने पर उन्होंने बताया कि, किन लोगों के पैर छूने पर पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं। बच्चों को हमेशा सिखाया जाता है कि, गुरु भगवान के समान होते हैं उनका आदर करना चाहिए। छात्र शिक्षकों के पैर छूते है लेकिन क्या इससे पुण्य खत्म हो जाते हैं। इस प्रश्न का जवाब प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) ने दिया है कि, क्या छात्रों की शिक्षक के प्रति श्रद्धा, विनम्रता और पैर छूने से पुण्य नष्ट होते हैं?
क्या छात्रों के पैर छूने से नष्ट होते हैं पुण्य?
प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) कहते हैं कि, कई बार किसी के पैर छूने से पुण्यों पर असर पड़ता है। किसी के द्वारा पैर छूने पर मन में पुण्य कर्म पर असर पड़ सकता है। प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) से इस बारे में एक महिला शिक्षिका ने सवाल किया। अक्सर उनके छात्र पैर छूते हैं और मना करने पर नहीं मानते हैं। ऐसे में क्या करें कि, किसी के पैर छूने का उल्टा असर नहीं पड़े। चलिए जानते हैं।
प्रेमानंद महाराज का जवाब
प्रेमानंद महाराज (Premanand Maharaj) ने बताया कि, अगर छात्र मना करने पर भी आपके पैर छूते हैं तो इसका आसान और आध्यात्मिक उपाय है। जब बच्चे आपके पैर छूते हैं तो मन में भगवान को याद करते हुए उन्हें प्रणाम करें। इससे पुण्य सुरक्षित रहते हैं। हर व्यक्ति में भगवान का अंश होता है इसलिए किसी से भी अपने पैरों का संपर्क नहीं होना चाहिए। वरना इससे पुण्य नष्ट होते हैं। अगर आप इस आसान उपाय को करते हैं तो यह श्रद्धा और सम्मान को बनाए रखता है। किसी को मना कने पर वह आपको प्रणाम करता है और पैर छूता है तो वह उसके मन में आपके लिए आदर है। आप उसके प्रणाम करने पर मन में भगवान को याद कर प्रणाम करें इससे आपके पुण्य नष्ट नहीं होते हैं।