1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. राम मंदिर ट्रस्ट और जांच एजेंसी दोनों डबल इंजन सरकार के अधीन, ऐसे में निष्पक्ष जांच की बात कहना जनता को भ्रमित करने जैसा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

राम मंदिर ट्रस्ट और जांच एजेंसी दोनों डबल इंजन सरकार के अधीन, ऐसे में निष्पक्ष जांच की बात कहना जनता को भ्रमित करने जैसा : स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद

यूपी (UP) के सीतापुर जिले (Sitapur District) में पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati) मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अपनी विधानसभा यात्रा के दौरान अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी प्रकरण, एसआईटी जांच और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।

By santosh singh 
Updated Date

सीतापुर। यूपी (UP) के सीतापुर जिले (Sitapur District) में पहुंचे ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand Saraswati) मंगलवार सुबह करीब 9 बजे अपनी विधानसभा यात्रा के दौरान अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा चोरी प्रकरण, एसआईटी जांच और राम मंदिर ट्रस्ट की कार्यप्रणाली को लेकर खुलकर अपनी बात रखी। मीडिया से बातचीत में शंकराचार्य ने कहा कि राम मंदिर ट्रस्ट (Ram Mandir Trust) और जांच एजेंसी दोनों ही सरकार के अधीन हैं। ऐसे में डबल इंजन की सरकार में पूरी तरह निष्पक्ष जांच की बात कहना जनता को भ्रमित करने जैसा है।

पढ़ें :- SC राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर सुनवाई के लिए तैयार, चंपत राय और अनिल मिश्रा की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि किसी मामले की जांच उसी व्यवस्था के अंतर्गत हो रही है, जिस पर आरोप लग रहे हैं, तो लोगों के मन में स्वाभाविक रूप से शंकाएं पैदा होंगी। उन्होंने चंपत राय (Champat Rai) के इस्तीफे स्वीकार होने और एसआईटी जांच (SIT Investigation) की दिशा पर भी सवाल खड़े किए। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने राम मंदिर की स्थापना प्रक्रिया पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि राम मंदिर की स्थापना में धर्म और शास्त्रों की अवहेलना उचित नहीं है। उनका कहना था कि जब धार्मिक परंपराओं और शास्त्रीय विधानों की अनदेखी होती है तो उसके दुष्परिणाम सामने आते हैं।

उन्होंने कथित चंदा चोरी के मामले को इसी का एक उदाहरण बताया और दावा किया कि आगे भी राम मंदिर से जुड़ी अन्य गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। शंकराचार्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां भी राजनीतिक फायदे के लिए धर्मों और शास्त्रों की अवहेलना होती है वहां असुरी शक्तियां विराजमान हो जाती है मंदिर में सिर्फ देवता की मूर्तियां दिखेगी लेकिन उसके दुष्परिणाम सामने आते रहेंगे।

चम्पत राय का इस्तीफा आग के ऊपर छींटा मारने का काम किया है ताकि थोड़ा सा लौ काम हो जाए

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (Shankaracharya Swami Avimukteshwaranand )  ने कहा कि हम लोग उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा में जाकर जनता से सीधा संवाद करने निकले हैं और उद्देश्य है कि गौ माता की रक्षा हो सके। हमने लोगों से कहा की आने वाले चुनाव में आप सभी मुद्दे छोड़ कर क्या गौ माता की रक्षा करना चाहोगे। लाखों लोगो ने इसका संकल्प ले लिया है। चम्पत राय का इस्तीफा आग के ऊपर छींटा मारने का काम किया है ताकि थोड़ा सा लौ काम हो जाए। ताकि हम आग को थोड़ा डाइवर्ट कर सके। जब इस्तीफे के कागज़ सामने नहीं आये और उन्होने इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया पर जो आस्था पर चोट लगी है, उसको भरने में वक़्त लगेगा। जिन लोगों को नियुक्त किया गया है, उनका भी चरित्र कुछ प्रांजल तो नहीं है। वो भी तो आपका कार्यकर्ता ही है और जिनको हटाया है उनको अब किसी और काम में लगा देंगे। ब्रजभूषण सिंह ने पहले ही समझ लिया की मंदिर में कुछ ठीक नहीं हो रहा।

पढ़ें :- Hardoi News : पति ने पत्नी को मारी गोली, लखनऊ रेफर, आरोपी परिजनों से बोला- सामने से हट जाओ, वरना तुम्हें भी मार देंगे

इन टॉपिक्स पर और पढ़ें:
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...