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अलविदा पीयूष पांडेय : आपकी विरासत जो हमेशा रहेगी जीवित , ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ से ‘दो बूंद जिंदगी की’…

विज्ञापन जगत के दिग्गज और एडगुरु के नाम से मशहूर पीयूष पांडेय (Adguru Piyush Pandey) का शुक्रवार को निधन हो गया। फेविकोल, कैडबरी और एशियन पेंट्स जैसे चर्चित विज्ञापनों को डिजाइन करने वाले पांडे ने ही 90 के दशक में मशहूर गीत मिले सुर मेरा तुम्हारा लिखा था। पीयूष पांडेय (Piyush Pandey) संक्रमण से पीड़ित थे।

By santosh singh 
Updated Date

मुंबई। विज्ञापन जगत के दिग्गज और एडगुरु के नाम से मशहूर पीयूष पांडेय (Adguru Piyush Pandey) का गुरुवार को निधन हो गया। फेविकोल, कैडबरी और एशियन पेंट्स जैसे चर्चित विज्ञापनों को डिजाइन करने वाले पांडे ने ही 90 के दशक में मशहूर गीत मिले सुर मेरा तुम्हारा लिखा था। पीयूष पांडे ने भारत के सबसे यादगार राजनीतिक नारों में से एक, “अब की बार, मोदी सरकार” को भी गढ़ने का काम किया था। इसके अलावा उन्होंने ‘अच्छे दिन आने वाले हैं’ का नारा भी दिया था। ये नारे जन-जन तक पहुंचे थे। इसने उनकी पहचान को और समृद्धशाली बना दिया था। पीयूष पांडेय (Piyush Pandey) संक्रमण से पीड़ित थे। उनका अंतिम संस्कार सुबह 11 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में किया जाएगा। व्यापार, विज्ञापन और राजनीति जगत के लोगों ने पीयूष पांडे को श्रद्धांजलि दी।

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पीयूष पांडे बने भारतीय विज्ञापन की आवाज

पीयूष पांडे लगभग चार दशकों से विज्ञापन उद्योग में कार्यरत थे। वे ओगिल्वी के विश्वव्यापी मुख्य रचनात्मक अधिकारी और भारत में कार्यकारी अध्यक्ष थे। पांडे 1982 में ओगिल्वी से जुड़े और उन्होंने अपना पहला विज्ञापन सनलाइट डिटर्जेंट के लिए लिखा। छह साल बाद, वे कंपनी के क्रिएटिव विभाग में शामिल हो गए और फेविकोल, कैडबरी, एशियन पेंट्स, लूना मोपेड, फॉर्च्यून ऑयल और कई अन्य ब्रांडों के लिए उल्लेखनीय विज्ञापन बनाए। उनके नेतृत्व में ओगिल्वी इंडिया को एक स्वतंत्र सर्वेक्षण में 12 वर्षों तक नंबर 1 एजेंसी का दर्जा दिया गया। पांडे ने कई पुरस्कार जीते हैं। 2016 में उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

2013 में  अभिनय की दुनिया में रखा कदम

पीयूष पांडेय ने अभिनय में भी कदम रखा और 2013 में जॉन अब्राहम अभिनीत फिल्म “मद्रास कैफे” और मैजिक पेंसिल प्रोजेक्ट वीडियोज (आईसीआईसीआई बैंक द्वारा एक विपणन अभियान) में काम किया। पांडेय ने “मिले सुर मेरा तुम्हारा” गीत लिखा था। यह गीत 90 के देश में राष्ट्रीय एकता और विविधता बढ़ावा देने वाला एक कालजयी गीत था जो टेलीजिवन के जरिए 90 के दशक में घर-घर तक पहुंच गया था। पांडे ने चर्चित फिल्म “भोपाल एक्सप्रेस” की पटकथा भी लिखी थी।

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पीयूष पांडे ने विज्ञापन और संचार जगत में अभूतपूर्व योगदान दिया : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पोस्ट पर लिखा कि पीयूष पांडे अपनी रचनात्मकता के लिए प्रशंसित थे। उन्होंने विज्ञापन और संचार जगत में अभूतपूर्व योगदान दिया। मैं वर्षों तक हमारे बीच हुई बातचीत को हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और प्रशंसकों के साथ हैं। ॐ शांति।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी दी श्रद्धांजलि

एक्स पोस्ट में, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि पीयूष पांडे भारतीय विज्ञापन जगत के एक दिग्गज थे। उन्होंने रोजमर्रा के मुहावरों, हास्य और वास्तविक गर्मजोशी को इसमें लाकर संचार को बदल दिया। सीतारमण ने कहा कि विभिन्न अवसरों पर उनसे बातचीत करने के अवसर मिले। उनके परिवार, मित्रों और संपूर्ण रचनात्मक बिरादरी के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।

पीयूष का छोड़कर चले जाना दुखद : उदय कोटक

कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने कहा कि पीयूष पांडे का हमें छोड़कर चले जाना दुखद है। उन्होंने 2003 में एक अभियान के साथ कोटक महिंद्रा बैंक की शुरुआत की थी और बैंकिंग को ‘सामान्य ज्ञान’ बताया था। वह अद्भुत, अलग सोच रखने वाले और विनम्र व्यक्ति थे। उन्होंने रचनात्मकता को भारतीय संदर्भ में पिरोया। हमें उनकी कमी खलेगी।

अब स्वर्ग भी ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर नाचेगा : लेखक-स्तंभकार सुहेल सेठ

पांडे को अपना ‘सबसे प्रिय मित्र’ बताते हुए लेखक-स्तंभकार सुहेल सेठ ने कहा कि भारत ने न सिर्फ एक महान विज्ञापन दिमाग खोया है, बल्कि एक सच्चे देशभक्त और एक बेहतरीन जेंटलमेंन व्यक्ति को भी खोया है। अब स्वर्ग भी ‘मिले सुर मेरा तुम्हारा’ पर नाचेगा।

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