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महिला आरक्षण पर अखिलेश यादव का दोहरा चरित्र पूरी तरह से हो चुका है ‘बेनकाब’ : केशव मौर्य

केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सपा बहादुर अखिलेश यादव का दोहरा चरित्र अब पूरी तरह से ‘बेनकाब’ हो चुका है। एक तरफ़ वे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की हिमायत करते हैं, वहीं दूसरी ओर जब हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर यह ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पेश किया गया था, तब वे उस विधेयक के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बन गए थे।

By शिव मौर्या 
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलश यादव पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि, समाजवादी पार्टी का इतिहास अपनी स्थापना से ही ‘महिला विरोधी’ सोच से भरा रहा है। नेताजी इस बिल का खुलेआम विरोध करते थे और अब उनके उत्तराधिकारी अखिलेश यादव इस बार ‘दाएं-बाएं’ की कुत्सित राजनीति कर रहे हैं।

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केशव मौर्य ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, सपा बहादुर अखिलेश यादव का दोहरा चरित्र अब पूरी तरह से ‘बेनकाब’ हो चुका है। एक तरफ़ वे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिला आरक्षण लागू करने की हिमायत करते हैं, वहीं दूसरी ओर जब हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण को लेकर यह ऐतिहासिक नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक पेश किया गया था, तब वे उस विधेयक के रास्ते का सबसे बड़ा रोड़ा बन गए थे।

अगर यह विधेयक पास हो जाता, तो 2029 में महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में उनका आरक्षण मिल जाता। लेकिन उन्होंने महिलाओं को आरक्षण न मिले, इसके लिए परिसीमन और जनगणना का बहाना बनाया। अब कल के चुनावी नतीजों, खासकर पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार से वे बौखला गए हैं और 2027 में ही महिला आरक्षण देने की बात करके मातृ-शक्ति को ‘गुमराह’ करने का प्रयास कर रहे हैं। साफ है, बात केवल महिला सशक्तिकरण की नहीं, बल्कि ‘सियासी अवसरवाद’ की है।

केशव मौर्य ने आगे लिखा, समाजवादी पार्टी का इतिहास अपनी स्थापना से ही ‘महिला विरोधी’ सोच से भरा रहा है। नेताजी इस बिल का खुलेआम विरोध करते थे और अब उनके उत्तराधिकारी श्री अखिलेश यादव इस बार ‘दाएं-बाएं’ की कुत्सित राजनीति कर रहे हैं। और ऐसे मसले पर उनके चचाजान हमेशा की तरह ‘न तीन में होते हैं, न तेरह में।’

 

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