1. हिन्दी समाचार
  2. दिल्ली
  3. ट्रंप के टैरिफ वार के बाद भारत में बजी खतरे की घंटी, कई उद्योगों के लिए है अब रिस्क

ट्रंप के टैरिफ वार के बाद भारत में बजी खतरे की घंटी, कई उद्योगों के लिए है अब रिस्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इससे अब कई उद्योगों में खतरे की घंटी बज चुकी है। यहां तक रिलायंस (Reliance) पर टैरिफ का बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है। ऐसे में देश के कई उद्योग पति अब चिंता में डूबे हुए है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump) ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। इससे अब कई उद्योगों में खतरे की घंटी बज चुकी है। यहां तक रिलायंस (Reliance) पर टैरिफ का बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है। ऐसे में देश के कई उद्योग पति अब चिंता में डूबे हुए है।

पढ़ें :- LPG Price : होली से पहले सिलेंडर के रेट में लगी आग, अब आपके शहर में कितने हो गए नए रेट

एक अगस्त से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (US President Donald Trump)  ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है। रूस से दोस्ती ने तोड़ने पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने पहले की धमकी देते हुए भारी भरकम टै​रिफ लगाने की धमकी दी थी। अमेरिका के इस फैसले के बाद भारत के कई उद्योगों पर काफी असर पड़ेगा। ब्लूममर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इस फैसले के बाद फार्मा, इलेक्ट्रानिक्स, आईटी, डायमंड और ज्वैलरी सहित टैक्सटाइल जैसे उद्योग काफी प्रभावित होंगे। डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने कहा कि भारत अमेरिका उत्पादो पर अन्य देश की अपेक्षा सबसे अधिक टैरिफ लगाता है।

फार्मा और ज्वैलरी पर होगा सबसे बड़ा नुकसान

ब्लूममर्ग की रिपोर्ट (Bloomberg Report) की मुताबिक इस तिमाही जुलाई से सितंबर तक फार्मा और ज्वैलरी में सबसे बड़ा नुकसान होगा। इनमें 10 प्रतिशत निर्यात में कमी आ सकती है। इसमे प्रमुख हीरा और ज्वैलरी है। अमेरिकी टैरिफ (American Tariff) में बढ़ोतरी के बाद इन उद्योगों पर सीधा असर होगा और लाखों लोगों की आजिवका पर सीधा असर पड़ेगा। भारत की और से हर साल आठ अरब डॉलर की जेनेरिक दावाएं भेजी जाती है। इसमे सन फार्मा और स्पिला जैसी कंपनियों को अमेरिका से 30 प्रतिशत रेवेन्यू देता है। अमेरिका में दस में चार दावाएं भारत की बिकती है।

रिलायंस सहित अन्य रिफाइनरी कंपिनयों का होगा नुकसान

पढ़ें :- ईरान में खामेनेई की मौत के बाद कौन बनेगा सुप्रीम लीडर? ये कट्टरपंथी कमांडर ले सकता है उनका स्थान

अमेरिका के ​टैरिफ लगाने के बाद अगर रूस से तेल आना बंद हुआ तो रिफाइनरी कंपनियों को तगड़ा झटका लगेगा। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को तो झटका लगेगा ही, लेकिन सबसे बड़ा झटका रिलायंस रिफाइनरी (Reliance Refinery) को लगेगा। इसी वर्ष रिलायंस ने रूस से प्रतिदिन पांच लाख बैरल तेल ​खरिद ने की डील की थी।

कपड़ा उद्योग का होगा अधिक नुकसान

भारत में तैयार होने वाले कपड़े बड़े पैमाने में अमेरिका भेजे जाते है और अमेरिका से भी कपड़े आते है। टैरिफ बढ़ने से अब कपड़ों के दाम बढ़गें और इसका सीधा फायदा अन्य देश उठाएंगे।

इलेक्ट्रॉनिक्स सामान होंगे महंगे

भारत अमेरिका से स्मार्टफोन सहित अन्य इलेक्ट्रानिक्स सामान का निर्यात बड़े पैमाने पर करता है। भारत इस समय इलेक्ट्रानिक्स का हब बना हुआ है। कर्नाटक और देवनहल्ली में एप्पल ने अपना अड़ प्लांट खोल रखा है। लेकिन नए टैरिफ के बाद यहां बनने वाले फोन का अमेरिका निर्यात (America Exports) मुश्किल होगा।

पढ़ें :- अमेरिकी-इजरायली हमले में मारे गए ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई, 40 दिनों के शोक का एलान

रिपोर्ट: सतीश सिंह

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...