लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेला किया गया है। ये खेल मंत्री और प्रमुख सचिव के करीबी फर्म को काम दिलाने के लिए किया जा रहा है। इस पूरे खेल के बाद भी अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा खमोश हैं, जिसको
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में टेंडर प्रक्रिया में बड़ा खेला किया गया है। ये खेल मंत्री और प्रमुख सचिव के करीबी फर्म को काम दिलाने के लिए किया जा रहा है। इस पूरे खेल के बाद भी अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा खमोश हैं, जिसको
मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश शासन और प्रशासन के आदेश को ठेंगा दिखाकर नजूल की बेशकीमती जमीन पर कब्जा किया जा रहा है। जिलाधिकारी से लेकर मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अफसरों को भी इसकी जानकारी है, इसके बावजूद भी सिविल लाइंस क्षेत्र में मौजूद हजारों करोड़ की बेशकीमती जमीन पर अस्पताल से
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार कार्रवाई हो रही है। इसी क्रम में सहारनपुर में विजिलेंस टीम ने एक बड़ी कार्रवाई की है। आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस की टीम ने सीबीसीआईडी के पूर्व इंस्पेक्टर प्रेमवीर सिंह राणा के कई ठिकानों पर
लखनऊ। आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर (Amitabh Thakur) ने सोमवार को मुरादाबाद के सिविल लाइंस इलाके में एक निजी अस्पताल द्वारा अवैध कब्जा किए जाने के आरोपों के संबंध में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) को शिकायत भेजी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर
मुरादाबाद। यूपी के मुरादाबाद जिले के सिविल लाइंस एरिया में सरकारी नजूल जमीन पर डॉ. मंजेश राठी के द्वारा लगभग 6000 वर्ग मीटर से ज्यादा क्षेत्र में बहुमंजिला डीएमआर अस्पताल का निर्माण अवैध रूप से कराया जा रहा है। सिविल लाइंस में ग्राम छावनी के नजूल लैंड संख्या 470 की
मुरादाबाद। मुरादाबाद के सिविल लाइंस एरिया में नजूल की जमीन पर डॉ. मंजेश राठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी ये बेखौफ होकर जमीन पर फर्जी नक्शे के जरिए अस्पताल का निर्माण करा रहा है। डॉ. मंजेश राठी ने फर्जी एनओसी के जरिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के बाद सरकारी जमीन पर कब्जे का खेल मुरादाबाद में धड़ल्ले से चल रहा है। इस खेल में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल है, जिसके कारण डॉक्टर मंजेश राठी जैसे लोग फर्जी एनओसी के माध्यम से तमाम अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाण
मुरादाबाद। मुरादाबाद के सिविल लाइंस एरिया में नजूल की जमीन पर डॉ. मंजेश राठी खुलेआम कब्जा करने में जुट गए हैं। मुख्यमंत्री और जिलाधिकारी के निर्देश के बाद भी ये बेखौफ होकर जमीन पर फर्जी नक्शे के जरिए अस्पताल का निर्माण करा रहा है। डॉ. मंजेश राठी ने फर्जी एनओसी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) की 4,200 करोड़ रुपये से अधिक की भविष्य निधि के घोटाले का जिन्न एक बार फिर बाहर आने लगा है। इस घोटाले में करीब 32,000 कर्मचारियों के खून-पसीने की कमाई के 2800 करोड़ रुपये डूब गए हैं। ये सब भ्रष्टाचारी अफसरों की मिलीभगत
मुरादाबाद। सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा करने वालों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सख्त कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस आदेश के बाद भी मुरादाबाद में करोड़ों रुपयों की सरकारी जमीनों पर कब्जे का बड़ा खेल चल रहा है। इस खेल में डॉक्टर मंजेश राठी शामिल
मुरादाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अवैध तरीके से जमीनों पर कब्जा करने वाले भूमाफियाओं पर कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। उनके निर्देश पर अवैध कब्जेदारों पर कार्रवाई भी हो रही है लेकिन मुरादाबाद के सिविल लाइंस क्षेत्र में बेशकीमती नजूल की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा कर लिय गया।
लखनऊ। जल जीवन मिशन के तहत ‘हर घर शुद्ध जल’ पहुंचाने का दावा कागजों में पूरा हो रहा है। प्रदेश के ज्यादातर गांवों में अभी शुद्ध जल पहुंचना टेढी खीरी नजर आ रही है। प्रदेश के ज्यादातर गांवों में लोग स्वच्छ जल पाने के लिए तरस रहे हैं। उधर, पानी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दवा माफियाओं का वर्चस्व बढ़ता जा रहा है। दवा माफियाओं के इशारों पर स्वास्थ्य विभाग चल रहा है। कुछ अफसर इन दवा माफियाओं का पूरा समर्थन कर रहे हैं। अब प्रदेश में एक बार फिर CMO के ट्रांसफर होने जा रहे हैं, जिसमें दवा माफिया अपने
लखनऊ। भ्रष्टाचार और अनैतिक कृत्यों जैसे कई सनसनीखेज आरोपों में घिरीं रामपुर की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. दीपा सिंह की मुश्किलें बढ़नी शुरू हो गयी हैं। बागपत में तैनाती के दौरान डीएम ने इनके निलंबन की संस्तुति की थी लेकिन इसके बाद भी इन्हें रामपुर का सीएमओ बना दिया
लखनऊ। देश में दवा माफियों का सिंडिकेट काफी गहरा होता जा रहा है। दवा माफियाओं के इशारों पर स्वास्थ्य सेवाओं का संचालन हो रहा है। दवा माफिया ही तय करते हैं कि, कौन अधिकारी कहां पर तैनात होगा और कौन सी दवा सरकारी अस्पतालों में सप्लाई होगी। इन सबके बीच