लखनऊ। एसपी गोयल के यूपी का मुख्य सचिव बनने के बाद लंबे समय से कई विभागों के जमे प्रमुख सचिवों की विदाई होना तय है। जल्द ही ये बदलाव यूपी की ब्यूरोक्रेसी देखने को मिलेंगे। बताते चलें कि बीते काफी समय से यूपी में कई विभागों के मंत्री और प्रमुख
लखनऊ। एसपी गोयल के यूपी का मुख्य सचिव बनने के बाद लंबे समय से कई विभागों के जमे प्रमुख सचिवों की विदाई होना तय है। जल्द ही ये बदलाव यूपी की ब्यूरोक्रेसी देखने को मिलेंगे। बताते चलें कि बीते काफी समय से यूपी में कई विभागों के मंत्री और प्रमुख
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में तबादला सेशन में ब्यूरोक्रेट्स और मंत्रियों के बीच खींचतान के कारण कई विभाग में ट्रांसफर जीरो रहा है। यूपी के सबसे बड़े विभाग स्वास्थ्य विभाग में ट्रांसफर-पोस्टिंग जीरो रहा। इसके साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष,स्टांप व पंजीयन विभाग, औद्योगिक विभागों में तमाम जिलों में दर्जनों पद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कुछ मुख्य चिकित्साधिकारी प्रदेश सरकार की छवि को धूमिल करने में जुटे हैं। वो अपनी मनमर्जी और अपने खास लोगों के लिए जिलों में काम कर रहे हैं। ताजा मामला प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) से जुड़ा हुआ है, जिसके खिलाफ कंपनियों ने मोर्चा खोल दिया
आगरा। आगरा का सबसे बड़ा भूमाफिया शोभिक गोयल बड़ा जालसाज भी है। उसने स्कूल के समय से ही जालसाजी शुरू कर दी। अब उसकी जालसाजी का एक और कारनामा उजागर हुआ है, जो कई बड़े सवाल खड़े करता है। दरअसल, शोभिक गायेल 2004 में हाईस्कूल में फेल हो जाता है
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में गजब खेल चल रहा है। जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी (CMO) सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ के आदेशों की अवहेलना कर रहे हैं और जीरा टॉरलेंस की नीति को बड़ा झटका दे रहे हैं। दरअसल, मामला प्रयागराज के मुख्य चिकित्साधिकारी से जुड़ा हुआ है,
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना की हकीकत किसी से छुपी नहीं है। लाख दावों के बाद धरातल पर इस योजना का कोई असर नहीं दिख रहा है। कहीं टंकियों के टूटने तो कहीं घरों में लगी टोटियों के उखड़ने की तमाम तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर
लखनऊ। कंट्रक्शन किंग के नाम से मशहूर और यूपी लोक निर्माण विभाग (PWD) में अपनी दखल रखने वाले बसपा के एकलौते विधायक उमाशंकर सिंह एक बार फिर सुर्खियों में आ गए हैं। वो भी उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के कारण…परिवहन मंत्री ने बिना नाम लिए ही
लखनऊ। उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य महकमा खुद ही बीमार हो चुका है। यहां हजारों करोड़ की लागत से बने अस्पताल में जांच तक नहीं होती, जबकि जांच के लिए महंगी मशीनों की खरीद के लिए एक सौ पच्चास करोड़ रुपये तक आवंटित कर दिए गए। इसके बावजूद गरीब हजारों रुपयों
लखनऊ। एसपी गोयल के मुख्य सचिव बनने के बाद उत्तर प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी में कई बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। लंबे समय से जमे कई विभागों के प्रमुख सचिवों की विदाई तय मानी जा रही है और जल्द ही ये बदलाव देखने को मिलेंगे। दरअसल, बीते काफी समय से यूपी
मुरादाबाद। मुरादाबाद में भूमाफिया अभिनंदन जैन और नमन जैन की एक और दबंगई सामने आई है। विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त के साथ ही लोगों की जमीन कब्जाने वाले इन भूमाफियाओं ने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण को भी गुमराह किया। इन्होंने मुरादाबाद विकास प्राधिकरण से स्कूल के नाम पर एक दशक पहले
मुरादाबाद। मुरादाबाद में विवादित जमीनों पर कब्जा और उसकी खरीद फरोख्त करने वाले भूमाफिया अब योगी सरकार में ऊंची पहुंच का दावा करने लगे हैं। इसके चलते मुरादाबाद में वो हर गैरकानूनी काम अंजाम दे रहे हैं। संघ और सरकर से जुड़े होने का दावा कर वो अधिकारियों पर भी
मुरादाबाद। मुरादाबाद विकास प्राधिकार (MDA) के अधिशासी अभियंता अमित कादियान का कुर्सी से मोह नहीं छूट रहा है। ट्रांसफर के बाद भी वो मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की कुर्सी नहीं छोड़ना चाहते। पिछले 8 वर्षों से अमित कादियान एक ही जगह पर तैनात हैं। बताया जा रहा है कि, अमित कादियान
मुरादाबाद। मुरादाबाद में संघ प्रचारक के संरक्षण में विवादित जमीनों को कब्जाने वाले नमन जैन और अभिनंदन जैन (मुन्ना जैन) की करतूत उजागर होने लगी है। अपनी रसूख के चलते वो बेसहारा लोगों की जमीनों पर कब्जा कर रहे हैं। मामला मंडी चौक स्थित राजो गली इलाके का है, जहां
मुरादाबाद। मुरादाबाद में संघ प्रचारक के संरक्षण में विवादित जमीनों की खरीद-फरोख्त करने वाले ठेकेदार चंद दिनों में अरबपति बन गए। हर विवादित जमीनों में अपना दखल देकर उसे कौड़ियों के दाम में खरीदकर करोड़ों में बेच देते हैं। इस पूरे मामले में उनको संघ प्रचारक का भी पूरा साथ
आगरा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम करने के लिए अफसरों को निर्देश दे रहे हैं। लेकिन उनका ये निर्देश आगरा के भूमाफिया ओपी चेन्स के मालिक शोभिक गोयल पर नहीं लागू होता है। अफसरों की मिलीभगत से वो मनमाने तरीके से जमीनों पर कब्जा करना और