The Hundred Auction Controversy : इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा। जिसके बाद भारतीय फैंस इसको लेकर जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस बीच, बीसीसीआई ने इस विवाद से अपना पलड़ा झाड़ लिया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
The Hundred Auction Controversy : इंग्लैंड की फ्रेंचाइजी लीग द हंड्रेड 2026 के ऑक्शन में काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को 1.90 लाख पाउंड (लगभग 2.34 करोड़ रुपये) में खरीदा। जिसके बाद भारतीय फैंस इसको लेकर जमकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। इस बीच, बीसीसीआई ने इस विवाद से अपना पलड़ा झाड़ लिया है। बोर्ड के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा कि इससे हमारा कोई लेना-देना नहीं है।
पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को साइन करने पर, बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा, “…हमारा दायरा सिर्फ़ आईपीएल तक सीमित है; दूसरी लीग्स में क्या हो रहा है, इससे हमें कोई लेना-देना नहीं है… यह पूरी तरह से उस फ़्रैंचाइज़ी पर निर्भर करता है जिसने भारत के बाहर कोई टीम खरीदी है कि वे भारत के बाहर किसी खिलाड़ी को कहीं और ले जा रहे हैं या नहीं… हमें इसकी ज़रा भी परवाह नहीं है… आईपीएल में ऐसा कोई खिलाड़ी नहीं है।”
बोली के दौरान काव्या मारन थीं मौजूद
आईपीएल की फ्रेंचाइजी सनराइजर्स हैदराबाद की तरह सनराइजर्स लीड्स का मालिकाना हक सन ग्रुप के पास ही है, जिसका नेतृत्व उद्योगपति कलानिधि मारन करते हैं। जब द हंड्रेड 2026 के लिए नीलामी चल रही थी तो ऑक्शन टेबल पर सनराइजर्स की सीईओ काव्या मारन और हेड कोच डेनियल विटोरी मौजूद थे। जैसे ही सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदा तो सोशल मीडिया पर काव्या मारन के खिलाफ पोस्ट की बाढ़ आ गयी। फैंस का कहना था कि भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी को दुश्मन देश के खिलाड़ी को नहीं खरीदना चाहिए था। इसके साथ ही अबरार अहमद की भारत के खिलाफ पोस्ट और बयान वायरल हो रहे हैं।
कोच ने मैनेजेमेंट पर डाली दी पूरी जिम्मेदारी
हालांकि, विवाद बढ़ने पर सनराइजर्स लीड्स के कोच डेनियल विटोरी ने सफाई देते हुए अबरार को खरीदने की जिम्मेदारी मैनेजमेंट पर डाल दी है। विटोरी ने एक मीडिया आउटलेट से कहा, ‘मुझे पता था कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेकर बाहर क्या अटकलें चल रही हैं, लेकिन हमें मैनेजमेंट की तरफ से ऐसा कोई निर्देश नहीं मिला था कि हम उन्हें साइन न करें।’ उन्होंने कहा, ‘हम नीलामी में हर उस खिलाड़ी को रडार पर रखकर आए थे जो हमारे लिए उपलब्ध था. जैसे ही विकल्प खुला, हमारे पास कई इंटरनेशनल स्पिनर्स के नाम थे, लेकिन अबरार अहमद हमारी पहली पसंद थे।” विटोरी के बयान ने यह साफ कर दिया है कि सनराइजर्स की ‘कोर टीम’ ने अबरार को खरीदने का मन पहले ही बना लिया था और उन्हें ऊपर से कोई ‘रोक-टोक’ नहीं थी।