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सिंहस्थ की सफलता के लिए सीएम ने कमर कसी, एयपोर्ट की सौगात देने की भी तैयारी

आगामी सिंहस्थ को लेकर न केवल प्रशासन बल्कि सरकार ने भी कमर कस रखी है और यही कारण है कि सिंहस्थ के कार्यों को लेकर सीएम डॉक्टर मोहन यादव स्वयं रूचि ले रहे है और निर्माण कार्यों को लेकर भी वे स्वयं निगाह रखे हुए है।

By Shital Kumar 
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उज्जैन। मध्यप्रदेश के उज्जैन शहर में आगामी वर्ष 2028 में सिंहस्थ का आयोजन होना है और इसकी सफलता के लिए सूबे के सीएम डॉक्टर मोहन यादव ने कमर कसी है तो वहीं उज्जैन शहर में सिंहस्थ के अवसर पर एयरपोर्ट की भी सौगात देने की तैयारी है।

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आगामी सिंहस्थ को लेकर न केवल प्रशासन बल्कि सरकार ने भी कमर कस रखी है और यही कारण है कि सिंहस्थ के कार्यों को लेकर सीएम डॉक्टर मोहन यादव स्वयं रूचि ले रहे है और निर्माण कार्यों को लेकर भी वे स्वयं निगाह रखे हुए है। इधर सिंहस्थ के लिए सीएम डॉक्टर यादव का मेगा प्लान है और इसके चलते शहर में हेलीपेड व एयरपोर्ट की भी सौगात देने के लिए काम जारी है।

 

स्थाई कुंभ सिटी बनाने का निर्णय

शासन ने उज्जैन में लगभग 2372 हेक्टेयर भूमि पर 5000 करोड़ में स्थाई कुंभ सिटी बनाने का निर्णय लिया है। लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान शासन ने लगाया है। 30 करोड़ श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने का मेगा प्लान भी मध्य प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में तैयार करना शुरू कर दिया है। सिंहस्थ 2028 में उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं को मध्यप्रदेश सरकार कम समय में सुविधा देने के लिए प्रयासरत है।

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एक और रेलवे स्पेशल ट्रेनों को चलाने की योजना पर काम कर रहा है तो वहीं उज्जैन को राष्ट्रीय राजमार्गों, सडक़ों के चौड़ीकरण, एलिवेटेड ब्रिज, मेट्रो, हेलीपेड और एयरपोर्ट की भी सौगात देने पर काम जारी है। हालांकि एयरपोर्ट को लेकर सिंहस्थ से पहले काम पूरा होने की संभावना पर संशय बना हुआ है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए एआई की टीम देवास रोड स्थित गांव दताना-मताना में हवाई पट्टी क्षेत्र का दौरा करके गई है।

भूअर्जन की तैयारी शुरू

भूमि अधिग्रहण करने में कितने भूस्वामी और किसान आना है इसके लिए प्रशासन अपने स्तर पर सर्वे कर रहा है। केंद्रीय विमानन मंत्रालय से स्वीकृति मिलने के बाद कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने भूअर्जन की तैयारी शुरू की है। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि उज्जैन एयरपोर्ट का रन-वे 1800 मीटर लंबा होगा। अभी यहां कोड-ए श्रेणी का 1077 मीटर लंबा और 23 मीटर चौड़ा रन-वे है, जो ट्रेनिंग विमानों के लिए उपयुक्त है। एयरपोर्ट बनाने के लिए लगभग 250 एकड़ जमीन और चाहिए होगी। अभी 95 एकड़ ही उपलब्ध है। एयरपोर्ट निर्माण के लिए एयर इंडिया एक्सप्रेस ने फ्लाई भारती के साथ 750 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू साइन किया है।

बनाए जा रहे नए हेलीपेड

उज्जैन में देवास रोड स्थित दताना मताना गांव में हवाई पट्टी है। जिसे एयरपोर्ट के लिए चुना गया है। देवास रोड पर ही पुलिस लाइन में हेलीपेड बने हुए है जहां 3 हेलीकॉप्टर उतारे जा सकते हैं। एक नया हेलीपेड श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास सदावल गांव में लोक निर्माण विभाग के माध्यम से बनने जा रहा है। जहां 4 हेलीकॉप्टर को उतारने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा उज्जैन के अलग अलग तहसील क्षेत्रों में भी इमरजेंसी हेलीपेड की सुविधा की जा रही है। उज्जैन से गुजरात, दिल्ली, महाराष्ट्र आने जाने के लिए करोड़ों की लागत से सडक़ों का निर्माण किया गया है। 2 खास राष्ट्रीय राजमार्ग इसमें शामिल हैं। एक उज्जैन-बदनावर, दूसरा आगरा-मुंबई। आस पास के जिलों की कनेक्टिविटी के लिए जिसमें मुख्य रूप से इंदौर, रतलाम को 4 एवं 6 लेन और इंदौर से उज्जैन मेट्रो ट्रेन को लाने पर काम जारी है।

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