1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. सीएम योगी पहुंचे लोकबंधु अस्पताल, बीमार मानसिक मंदित बच्चों का जाना हाल, 27 का चल रहा इलाज और चार की मौत

सीएम योगी पहुंचे लोकबंधु अस्पताल, बीमार मानसिक मंदित बच्चों का जाना हाल, 27 का चल रहा इलाज और चार की मौत

यूपी की राजधानी लखनऊ में खाना खाने के बाद बीमार हुए निर्वाण संस्था (Nirvana Sanstha) के बच्चों का हाल जानने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) लोकबंधु अस्पताल (Lokbandhu Hospital) पहुंचे। उन्होंने मानसिक मंदित बच्चों से बात की। डॉक्टरों से उनके सेहत के बारे में जानकारी ली।

By santosh singh 
Updated Date

लखनऊ । यूपी की राजधानी लखनऊ में खाना खाने के बाद बीमार हुए निर्वाण संस्था (Nirvana Sanstha) के बच्चों का हाल जानने शुक्रवार को सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) लोकबंधु अस्पताल (Lokbandhu Hospital) पहुंचे। उन्होंने मानसिक मंदित बच्चों (Mentally Retarded Children) से बात की। डॉक्टरों से उनके सेहत के बारे में जानकारी ली। सभी बच्चों का अच्छा इलाज करने के निर्देश दिए।

पढ़ें :- IND vs ENG 5th T20I Live : आज भारत-इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा सीरीज का आखिरी टी20, मैच का टाइम बदला

निर्वाण संस्था में मानसिक मंदित बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हुआ है। 23 मार्च की रात भोजन के बाद बीमार पड़ने वाले बच्चों में जान गंवाने वाले की संख्या चार हो चुकी है। लोकबंधु अस्पताल में 24 मार्च को 12 वर्ष के शिवांक की मौत हो गई थी। संस्था के लोगों ने इस घटना को दबा दिया था। बुधवार को रेनू (15) व दीपा (15) की मौत के बाद पूरा मामला खुला।

अब खुलासा हुआ है कि बलरामपुर अस्पताल भर्ती सूरज (12) की 25 मार्च को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसे मौत को भी छिपाने की कोशिश हुई। अभी भी एक बच्चे की हालत नाजुक है, जो आईसीयू (ICU) में भर्ती है। डॉक्टरों की टीम उसकी सेहत की निगरानी में लगी है। अलग-अलग अस्पतालों में कुल 20 बच्चे भर्ती हैं। जबकि सात बच्चों का इलाज संस्था में चल रहा है। वहीं घटना की जांच शुरू हो गई है।

निर्वाण आश्रय केंद्र पारा (Nirvana Ashray Kendra Para) इलाके के बुद्धेश्वर में बना है। यह पीपीपी मॉडल पर संचालित होता है। मानसिक कमजोर, अनाथ व लावारिस बच्चों को यहां रखा जाता है। यहां 147 बच्चे रहते हैं। इनकी उम्र 10 से 18 साल के बीच है। 23 मार्च को उल्टी-दस्त और पेट दर्द से जब बच्चे अचेत होने लगे तब संस्था ने अलग-अलग अस्पतालों में बच्चों को भर्ती कराना शुरू किया था।

मौत की डेथ ऑडिट कराएगा विभाग

पढ़ें :- बिहार में बहुत जल्दी सरकार गिरने वाली है...तेज प्रताप यादव के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल

सीएमओ डॉ. एनबी सिंह ने बताया बच्चों की डेथ ऑडिट की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों की कमेटी बनाई गई है। इसमें डॉ. अरुण तिवारी, डॉ. पीसी तिवारी और डॉ. सबीह मजहर को शामिल किया गया है। कमेटी पोस्टमार्टम रिपोर्ट समेत अन्य बिंदुओं की जांच करेगी।

कहां कितने बच्चे भर्ती?
लोकबंधु अस्पताल (Lokbandhu Hospital) में 16 तो बलरामपुर में तीन और केजीएमयू गांधी वार्ड (KGMU Gandhi Ward) में एक बच्चा भर्ती है।

इनकी हो चुकी है मौत
शिवांक (15), सूरज (12), दीपा (15), रेनू (15)।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...