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लोकतंत्र में संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाए जाने से आहत अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखी चिट्ठी, किया ये बड़ा ऐलान

नीट पेपर लीक (NEET paper leak) को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे पर छात्र और विपक्ष अड़ा हुआ है। बता दें कि दिल्ली में बीते 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर आहत अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने पीएम मोदी (PM Modi) को पत्र लिखा है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। नीट पेपर लीक (NEET paper leak) को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान (Union Education Minister Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे पर छात्र और विपक्ष अड़ा हुआ है। बता दें कि दिल्ली में बीते 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद चलो मार्च के दौरान हुए लाठीचार्ज को लेकर आहत अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने पीएम मोदी (PM Modi) को पत्र लिखा है।

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दिल्ली में छात्रों के आंदोलन को देखते हुए वरिष्ठ समाजसेवी अन्ना हजारे (Anna Hazare) गुरुवार सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक अहिल्यानगर के वाडिया पार्क स्थित गांधी स्मारक पर मौन आंदोलन पर बैठने का ऐलान किया है। अन्ना हजारे (Anna Hazare) का कहना है कि सरकार को छात्रों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

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छात्रों पर लाठीचार्ज से आहत अन्ना हजारे करेंगे आंदोलन

लोकतंत्र में संवाद के बजाय दमन का रास्ता अपनाए जाने पर अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने चिंता व्यक्त की। अन्ना हजारे (Anna Hazare) के आंदोलन स्थल को प्रतीकात्मक रूप से ‘नगर का जंतर-मंतर’ नाम दिया जाएगा। इस आंदोलन पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में दमन नहीं, बल्कि संवाद के माध्यम से समस्याओं का समाधान किया जाए।

अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार क्या कर रही है? इस पर मैं कुछ नहीं बोलूंगा, लेकिन जो कुछ हुआ, वह बिल्कुल सही नहीं हुआ। जो दोषी हैं, वे दोषी हैं। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा की मांग पर बोलते हुए अन्ना ने कहा कि जनता मालिक है। सभी अधिकारी और सरकार जनता के सेवक हैं। जो गलत है, वह गलत है। इस देश में जनता ही सर्वोच्च है। सरकार जो कर रही है, वह गलत है। सरकार सेवक है और उसे जनता के पास जाना चाहिए।

अन्ना हजारे (Anna Hazare) ने कहा कि ‘पेपर लीक, बेरोजगारी और भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी चिंताजनक है। छात्रों के आंदोलन को कानून-व्यवस्था का नहीं, बल्कि जनभावना का मुद्दा मानना चाहिए। सरकार छात्रों और आंदोलनकारियों के साथ सकारात्मक संवाद करें। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्याग्रह के मार्ग पर चलते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने की अपील की। अन्ना हजारे ने कहा कि किसी घोटाले या गड़बड़ी पर केवल निचले स्तर के अधिकारियों पर जवाबदेही तय कर देना गलत है। जब अच्छे कामों का श्रेय सरकार लेती है तो शीर्ष पदों पर बैठे लोगों को भी विफलता की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।

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