1. हिन्दी समाचार
  2. दुनिया
  3. US President Donald Trump को गुजरात से तोहफे में मिलने वाला है खास हीरा, इसे देख दुनिया रह जाएगी दंग

US President Donald Trump को गुजरात से तोहफे में मिलने वाला है खास हीरा, इसे देख दुनिया रह जाएगी दंग

सूरत के एक कारोबारी ने 4.30 कैरेट का लैबग्रोन डायमंड बनाया है, जिस पर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (America's 47th President Donald Trump) की तस्वीर उकेरी गई है।

By santosh singh 
Updated Date

गुजरात: सूरत, जिसे डायमंड सिटी के नाम से जाना जाता है, एक बार फिर विदेश में अपने हुनर का लोहा मनवाने में सफल हुआ है। इस बार सूरत के एक कारोबारी ने 4.30 कैरेट का लैबग्रोन डायमंड बनाया है, जिस पर अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (America’s 47th President Donald Trump) की तस्वीर उकेरी गई है।

पढ़ें :- केजरीवाल राम मंदिर दर्शन के लिए जाएंगे अयोध्या, बोले- चढ़ावा चोरी से हर सनातनी बेहद दुखी

यह खास हीरा ट्रंप को तोहफे में दिया जाएगा। इससे पहले भी सूरत की इसी कंपनी ने अमेरिका की प्रथम महिला को एक लैबग्रोन डायमंड उपहार में दिया था, जिसे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सौंपा था।

किसने तैयार किया डायमंड?

दुनिया में ज्यादातर हीरों की कटिंग और पॉलिशिंग का काम सूरत में होता है। आंकड़ों के अनुसार, हर 10 में से 9 हीरे सूरत में तैयार किए जाते हैं। रियल डायमंड के अलावा अब सूरत लैबग्रोन डायमंड के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बना रहा है। सूरत के हजीरा इलाके में स्थित एक कंपनी लैब में तैयार किए गए हीरों का बड़ा उत्पादन कर रही है। भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इसी कंपनी ने अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन को एक हरा हीरा उपहार में दिया था।

कितने महीनों में हुआ तैयार?

पढ़ें :- बिहार के सुपौल में सामुदायिक भोज के दौरान खाने में मिलीं छिपकलियां, 150 से ज्यादा लोग अस्पताल में भर्ती

इस बार इस कंपनी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक खास हीरा तैयार किया है। 4.30 कैरेट का यह हीरा लैब में तैयार किया गया है और इसे बनाने में तीन महीने लगे। इस पर ट्रंप की लाइव आकृति को उकेरने के लिए अनुभवी कलाकारों ने विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया. यह हीरा न केवल सूरत के हुनर को दर्शाता है, बल्कि भारतीय कला और तकनीक की भी मिसाल है।

कौन सा डायमंड इस्तेमाल?

व्यवसायी स्मित पटेल, जिन्होंने यह हीरा तैयार किया, का कहना है कि लैबग्रोन डायमंड बनाने की प्रक्रिया में महीनों की तैयारी और मेहनत लगती है। इन हीरों की चमक और गुणवत्ता असली हीरों जैसी होती है, लेकिन इन्हें लैब में तैयार किया जाता है। यह तकनीक पर्यावरण के अनुकूल है और अब दुनियाभर में इसकी मांग बढ़ रही है।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...