उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने आगरा से रिटायर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार को गिरफ्तार किया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) की टीम ने आय से अधिक संपत्ति मामले में बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने आगरा से रिटायर सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ललित कुमार को गिरफ्तार किया है। इनके घर पर हुई छापेमारी में 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ कैश और कई बेशकीमती जमीनों के कागजात मिले थे। विजिलेंस की टीम ने आय के स्रोत मांगे तो कोई जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद विजिलेंस की टीम ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
बता दें कि, पूर्व एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत वर्ष 2024 में केस दर्ज किया गया था। शासन के निर्देश पर मामले की विवेचना की जा रही थी। न्यायालय से तलाशी वारंट मिलने के बाद 7 और 8 जुलाई 2026 को लखनऊ के अलीगंज स्थित उनके आवास पर विजिलेंस की टीम ने छापेमारी की थी।
छापेमारी के दौरान नकदी को अलग-अलग पैकेट में रखा गया था। इसके साथ ही, सोने-चांदी के ज्वैलरी को भी अलग-अलग जगहों पर पैकटे में रखा गया था। ललित कुमार के घर से 13 किलो सोना, 9 किलो चांदी, 1.62 करोड़ कैश समेत अन्य बेशकीमती सामान बरामद हुआ था। वहीं, जांच के दौरान करीब एक दर्जन से ज्यादा जमीनों के दस्तावेज भी विजिलेंस को मिले थे। इनमें नोएडा, लखनऊ, बाराबंकी और रायबरेली में प्लॉट, फ्लैट, खेत और अन्य अचल संपत्तियां शामिल हैं। इसके साथ ही, पोस्ट ऑफिस, बैंक, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट में भी करीब एक करोड़ रुपए से अधिक के निवेश का प्रमाण मिला था।
लखनऊ, नोएडा और बाराबंकी में करोड़ों की संपत्तियां
जांच में लखनऊ के अलीगंज, वृंदावन योजना, इस्माइलगंज, मोहनलालगंज और बालकगंज समेत कई इलाकों में मकान, प्लॉट और कृषि भूमि के दस्तावेज मिले। इसके अलावा नोएडा में दो फ्लैट की बुकिंग और बाराबंकी व रायबरेली में भी जमीन के कागजात बरामद हुए। इन अचल संपत्तियों की अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई गई है।