मध्य प्रदेश की राजनीति से शुक्रवार को एक दुखद खबर सामने आई। इंदौर से कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विनी जोशी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे अश्विनी जोशी ने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई...
इ्ंदौर। मध्य प्रदेश की राजनीति से शुक्रवार को एक दुखद खबर सामने आई। इंदौर से कांग्रेस के पूर्व विधायक अश्विनी जोशी का 66 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे अश्विनी जोशी ने शुक्रवार सुबह अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई।
परिजनों के मुताबिक अश्विनी जोशी पिछले काफी समय से सांस संबंधी बीमारी और पैरों की दिक्कत से परेशान थे। उनका लगातार इलाज चल रहा था। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद परिवार के लोग तुरंत उन्हें इंदौर के एक अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
उनका बेटा विदेश में है और उसके इंदौर पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार किया जाएगा। निधन की खबर के बाद कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का उनके घर पहुंचना शुरू हो गया। कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके राजनीतिक और सामाजिक योगदान को याद किया।
अश्विनी जोशी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री महेश जोशी के भतीजे थे। इंदौर की राजनीति में जोशी परिवार का लंबे समय से प्रभाव माना जाता रहा है। अश्विनी जोशी ने विधानसभा क्षेत्र क्रमांक-3 से तीन बार विधायक के रूप में जनता का प्रतिनिधित्व किया। उन्हें जनता के बीच सक्रिय रहने और सीधे संवाद के लिए जाना जाता था।
उनकी राजनीतिक शुरुआत छात्र राजनीति से हुई थी। छात्र जीवन में ही उन्होंने संगठन के भीतर अपनी अलग पहचान बना ली थी। बाद में वे कांग्रेस की मुख्यधारा की राजनीति में सक्रिय हुए और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के करीबी नेताओं में गिने जाने लगे। राजनीतिक गलियारों में उन्हें कभी-कभी ‘शैडो सीएम’ के नाम से भी जाना जाता था। उनके निधन को कांग्रेस के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है।