राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।” लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया। गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी। ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। यह आत्महत्या नहीं-यह सिस्टम द्वारा हत्या है।
नई दिल्ली। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने तीन मई को हुई NEET परीक्षा को रद्द कर दिया है। इसको लेकर अब देशभर में सियासी बवाल मचा हुआ है। NEET परीक्षा को रद्द होने के कारण यूपी के लखीमपुर खीरी के ऋतिक मिश्रा और गांवा में एक अभ्यार्थी ने अपनी जान दे दी। इसको लेकर राहुल गांधी ने सरकार को घेरा है। साथ ही कहा कि, यह आत्महत्या नहीं, यह सिस्टम द्वारा हत्या है। 2015 से 2026 तक-148 परीक्षा घोटाले हुए। 87 परीक्षाएं रद्द, 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित हुआ है।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, “अब नहीं देनी प्रतियोगी परीक्षा।” लखीमपुर खीरी के 21 साल के ऋतिक मिश्रा के ये आख़िरी शब्द थे। तीसरी बार NEET देने वाला यह बच्चा, परीक्षा रद्द होते ही टूट गया। गोवा में भी एक NEET अभ्यर्थी ने जान दे दी। ये बच्चे परीक्षा से नहीं हारे, इन्हें एक भ्रष्ट तंत्र ने मारा है। यह आत्महत्या नहीं-यह सिस्टम द्वारा हत्या है।
उन्होंने आगे लिखा, आंकड़े देखिए: 2015 से 2026 तक-148 परीक्षा घोटाले। 87 परीक्षाएं रद्द, 9 करोड़ बच्चों का भविष्य प्रभावित। 148 घोटालों में सज़ा हुई-सिर्फ़ 1 को। CBI ने 17 मामले लिए, ED ने 11-किसी को सज़ा नहीं। NEET, AIPMT और अन्य मेडिकल परीक्षाओं में अकेले 15 घोटाले।
NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी।
22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया।
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किसी पिता ने कर्ज़ लिया,
किसी माँ ने गहने बेचे,
लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की,और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में…
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) May 12, 2026
और सबसे शर्मनाक बात: इन घोटालों में जिम्मेदार किसी अधिकारी या मंत्री का इस्तीफ़ा नहीं हुआ। हटाए जाते हैं-फिर चुपके से बड़े पद पर बैठा दिए जाते हैं। चोरी कराने वालों को इनाम मिलता है, और परीक्षा देने वाले बच्चे जान गंवाते हैं। मोदी जी-कितने ऋतिक चाहिए आपकी जवाबदेही जगाने के लिए? मेरे युवा साथियों, आपका दर्द मेरा दर्द है। आपकी मेहनत मेरी मेहनत है। आपका भविष्य चुराने वालों को जवाब देना ही होगा। चाहे जितना वक्त लगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा-ये मेरा वादा है। यह लड़ाई हम साथ लड़ेंगे-और जीतेंगे भी।
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि, NEET 2026 की परीक्षा रद्द हो गयी। 22 लाख से ज़्यादा छात्रों की मेहनत, त्याग और सपनों को इस भ्रष्ट भाजपाई व्यवस्था ने कुचल दिया। किसी पिता ने कर्ज़ लिया, किसी माँ ने गहने बेचे, लाखों बच्चों ने रात-रात भर जागकर पढ़ाई की, और बदले में मिला, पेपर लीक, सरकारी लापरवाही और शिक्षा में संगठित भ्रष्टाचार। यह सिर्फ़ नाकामी नहीं, युवाओं के भविष्य के साथ अपराध है। हर बार पेपर माफिया बच निकलते हैं और ईमानदार छात्र सज़ा भुगतते हैं। अब लाखों छात्र फिर से वही मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और अनिश्चितता झेलेंगे। अगर अपनी तकदीर परिश्रम से नहीं, पैसे और पहुँच से तय होगा, तो फिर शिक्षा का मतलब क्या रह जाएगा? प्रधानमंत्री का तथाकथित अमृतकाल, देश के लिए विषकाल बन गया है।