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अपनी दिहाड़ी छोड़कर हड़ताल करना इनका शौक नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी…गिग वर्कर्स पर बोले अशोक गहलोत

देश भर में नए साल के जश्न की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। नए साल के जश्न से पहले 31 दिसंबर को गिग वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। गिग वर्कर्स के हड़ताल के कारण नए साल का जश्न ​फीका पड़ सकता है। अब कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का इस पर बयान आया है।

By शिव मौर्या 
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Gig Workers Strike: देश भर में नए साल के जश्न की तैयारियां शुरू हो गयी हैं। नए साल के जश्न से पहले 31 दिसंबर को गिग वर्कर्स ने देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। गिग वर्कर्स के हड़ताल के कारण नए साल का जश्न ​फीका पड़ सकता है। अब कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का इस पर बयान आया है।

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उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, आज जब पूरा देश नववर्ष के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त है, तब हमारे गिग वर्कर्स (डिलीवरी पार्टनर्स) का हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हैं। यह वे श्रमिक हैं जो रोजाना पैसे कमाकर अपना घर चलाते हैं, इसके बावजूद जिस दिन इन्हें ज्यादा ऑर्डर्स मिलने की संभावना है, उस दिन अपनी दिहाड़ी छोड़कर हड़ताल करना इनका शौक नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी है।

अशोक गहलोत ने आगे लिखा, भारत जोड़ो यात्रा में राहुल गांधी से गिग वर्कर्स ने मिलकर अपनी पीड़ा उनके सामने रखी। राहुल गांधी की पहल पर हमारी कांग्रेस सरकार ने इनकी इसी पीड़ा को समझते हुए देश का पहला ‘राजस्थान प्लेटफॉर्म आधारित गिग कर्मकार (रजिस्ट्रीकरण और कल्याण) अधिनियम, 2023’ पारित किया था, ताकि इन्हें सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

दुर्भाग्यपूर्ण है कि उस ऐतिहासिक कानून के क्रियान्वयन में वर्तमान सरकार की उदासीनता के कारण आज इन श्रमिकों को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। राज्य सरकार को अविलंब इस कानून के नियम बनाकर इसकी मूल भावना के अनुरूप लागू कर इन्हें राहत देनी चाहिए। उन्होंने आगे लिखा, राजस्थान की तर्ज पर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने गिग वर्कर्स के लिए कानून बनाया। भारत सरकार को भी राजस्थान की तर्ज पर ऐसा कानून बनाना चाहिए जिससे निजी कंपनियों द्वारा शोषण से इन्हें बचाया जा सके।

 

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