परिवार में दादी-नानी के पारंपरिक देसी नुस्खे घर के डाक्टर का रोल निभाते हैं।वर्षों पहले जब परिवार में किसी को छोटी मोटी बीमारी हो जाती थी तो घर में झटपट उसका इलाज हो जाता था। घर की रसोई में रखें पारंपरिक मसाले लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं में रामबाण साबित हो जाते हैं।
Heatstroke and Dehydration : परिवार में दादी-नानी के पारंपरिक देसी नुस्खे घर के डाक्टर का रोल निभाते हैं।वर्षों पहले जब परिवार में किसी को छोटी मोटी बीमारी हो जाती थी तो घर में झटपट उसका इलाज हो जाता था। घर की रसोई में रखें पारंपरिक मसाले लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं में रामबाण साबित हो जाते हैं।
आम पन्ना : कच्चे आम को उबालकर, उसका पल्प निकालें। इसमें भुना जीरा, काला नमक, पुदीना और गुड़ मिलाकर पिएं। यह लू का सबसे अचूक इलाज है।
प्याज रस : धूप में निकलने से पहले थोड़ा सा प्याज का रस पी लें। यदि लू लग गई हो, तो प्याज के रस को कानों के पीछे और पैर के तलवों पर मलने से बुखार तुरंत कम होता है।
छाछ : दही में भुना जीरा, पुदीना और सेंधा नमक मिलाकर छाछ बनाएं। यह शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को तुरंत पूरा करता है।
सत्तू शरबत : जौ या चने के सत्तू को पानी, भुने जीरे और नमक के साथ मिलाकर पिएं। यह पेट को ठंडा रखता है और लू से बचाता है।
बेल शरबत : बेल का गूदा निकालकर पानी में मैश करें और छानकर पिएं। यह भीषण गर्मी में भी पेट की गर्मी को शांत रखता है।