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भाजपा की आंधी को हितेंद्र ठाकुर ने रोका, BVA ने 71 सीटों पर जीत के साथ प्रचंड बहुमत हासिल कर फतह किया किला

महाराष्ट्र में भाजपा (BJP) बीएमसी सहित अधिकांश महानगरपालिकाओं में जहां क्लीन स्वीप करती दिख रही है, वहीं वसई-विरार (Vasai-Virar)  में तस्वीर बिल्कुल उलट रही। यहां हितेंद्र ठाकुर (Hitendra Thakur) की अगुवाई वाली बहुजन विकास आघाडी (BVA)  ने भाजपा (BJP)  की तमाम रणनीतियों को नाकाम साबित करते हुए अपना अभेद किला बरकार रखा।

By santosh singh 
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मुंबई। महाराष्ट्र में भाजपा (BJP) बीएमसी सहित अधिकांश महानगरपालिकाओं में जहां क्लीन स्वीप करती दिख रही है, वहीं वसई-विरार (Vasai-Virar)  में तस्वीर बिल्कुल उलट रही। यहां हितेंद्र ठाकुर (Hitendra Thakur) की अगुवाई वाली बहुजन विकास आघाडी (BVA)  ने भाजपा (BJP)  की तमाम रणनीतियों को नाकाम साबित करते हुए अपना अभेद किला बरकार रखा।

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जहां पूरे महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की लहर दिखाई दे रही है, वहीं मुंबई के करीब पालघर जिले के वसई-विरार (Vasai-Virar) में एक अलग ही सियासी कहानी लिखी गई है। यहां न तो भाजपा की रणनीति काम आई और न ही बड़े दलों का प्रभाव, यहां केवल ‘सीटी’ बजी। स्थानीय दिग्गज नेता हितेंद्र ठाकुर (Hitendra Thakur) की पार्टी बहुजन विकास आघाडी (BVA) ने प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए एक बार फिर अपना अभेद्य किला फतह कर लिया है।

BVA की आंधी में सब पस्त!

वसई-विरार महानगरपालिका (नगर निगम) की 115 सीटों के लिए हुई मतगणना के परिणामों ने सबको चौंका दिया है। सत्ता के लिए जादुई आंकड़ा 58 था, जिसे पार करते हुए हितेंद्र ठाकुर (Hitendra Thakur)  की बहुजन विकास आघाडी ने 71 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की। जहां ‘सीटी’ चुनाव चिन्ह वाली बीवीए को स्पष्ट बहुमत मिला, वहीं भाजपा 43 सीटों पर सिमट गई। इसके अलावा शिवसेना (एकनाथ शिंदे) की झोली में एक सीट आई और कांग्रेस, उद्धव ठाकरे की शिवसेना, एनसीपी समेत अन्य सभी दलों का सूपड़ा साफ हो गया। आज की जीत के साथ वसई-विरार महानगरपालिका पर बहुजन विकास आघाड़ी की सत्ता बरकरार रही है।

हितेंद्र ठाकुर महाराष्ट्र की सियासत में खासकर पालघर और वसई-विरार (Vasai-Virar)  क्षेत्र के ‘किंगमेकर’ माने जाते हैं। उन्होंने साल 2009 में अपनी पार्टी बहुजन विकास अघाड़ी (BVA) बनाई।

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भाजपा की लहर को हितेंद्र ठाकुर ने रोका

महाराष्ट्र की 20 से ज्यादा महानगरपालिकाओं में जीत के करीब पहुंची भाजपा के लिए वसई-विरार का नतीजा एक बड़े झटके की तरह है। यहां भाजपा की सारी रणनीतियां फेल साबित हुईं और पार्टी 43 सीटों पर ही सिमट गई। सबसे बुरा हाल कांग्रेस, एनसीपी दोनों गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना का रहा जो खाता भी न खोल सकी।

जानें कौन हैं हितेंद्र ठाकुर?

हितेंद्र ठाकुर (Hitendra Thakur)   वसई-विरार (Vasai-Virar)  और नालासोपारा क्षेत्र में लंबे समय से एक मजबूत राजनीतिक चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने 2009 में बहुजन विकास आघाड़ी (BVA) की स्थापना की थी और वसई विधानसभा क्षेत्र से कई बार विधायक रह चुके हैं। उनके बेटे क्षितिज ठाकुर फिलहाल नालासोपारा से विधायक हैं। स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित राजनीति और क्षेत्रीय पकड़ ही BVA की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती है, जिसके कारण राज्य की बड़ी पार्टियां भी उनके क्षेत्र में पैर जमाने में नाकाम रहती हैं।

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