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भारत में कैसे होता है उपराष्ट्रपति का चुनाव? 9 सितंबर को NDA उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन व इंडिया गठबंधन के बी सुदर्शन रेड्डी से होगा मुकाबला

भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित और नामित सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इसमें राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य शामिल नहीं होते, जैसा कि राष्ट्रपति चुनाव में होता है।

By santosh singh 
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नई दिल्ली। भारत में उपराष्ट्रपति का चुनाव निर्वाचक मंडल करता है। उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के निर्वाचित और नामित सदस्यों से मिलकर बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। इसमें राज्यों की विधानसभाओं के सदस्य शामिल नहीं होते, जैसा कि राष्ट्रपति चुनाव में होता है।

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उम्मीदवार को कम से कम 20 सांसदों द्वारा प्रस्तावक और 20 सांसदों द्वारा समर्थक के रूप में हस्ताक्षर के साथ नामांकन दाखिल करना होता है। उम्मीदवार को एक निश्चित जमानत राशि भी जमा करनी होती है।

जानें चुनाव प्रक्रिया

उपराष्ट्रपति का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत एकल हस्तांतरणीय मत (Single Transferable Vote) के आधार पर होता है। मतदान गुप्त होता है, और मतदाता अपनी प्राथमिकता के क्रम में उम्मीदवारों को वोट देते हैं।

जीत के लिए उम्मीदवार को कुल वैध मतों का साधारण बहुमत (50 फीसदी से अधिक) प्राप्त करना होता है। यदि पहली गिनती में कोई उम्मीदवार बहुमत नहीं पाता, तो कम वोट वाले उम्मीदवारों को हटाकर उनकी प्राथमिकता के आधार पर मतों का पुनर्वितरण किया जाता है।

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उम्मीदवार की योग्यता

उपराष्ट्रपति उम्मीदवार को भारत का नागरिक होना चाहिए। आयु कम से कम 35 वर्ष होनी चाहिए। उसे राज्यसभा का सदस्य बनने की योग्यता रखनी चाहिए। वह कोई लाभ का पद (Office of Profit) धारण नहीं कर सकता, सिवाय कुछ अपवादों के।

चुनाव के बाद, उपराष्ट्रपति को भारत के राष्ट्रपति के तरफ से शपथ दिलाई जाती है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष होता है और वह पुन: निर्वाचित हो सकता है। निर्वाचन आयोग की भूमिका में भारत का निर्वाचन आयोग उपराष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया का संचालन करता है, जिसमें नामांकन, मतदान, और मतगणना शामिल होती है। उपराष्ट्रपति का पद खाली होने पर (इस्तीफा, निधन, या हटाने के कारण), 6 महीने के भीतर नया चुनाव कराना अनिवार्य है।यह प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 63-71 और उपराष्ट्रपति चुनाव नियम, 1974 के तहत संचालित होती है।

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद, 9 सितंबर को भारत के अगले उपराष्ट्रपति के चुनाव के लिए मंच तैयार है। इस चुनाव में सत्तारूढ़ एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन (CP Radhakrishnan) का मुकाबला विपक्ष के उम्मीदवार, सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी (B Sudarshan Reddy) से होगा। विजेता देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद और राज्यसभा के सभापति का पद ग्रहण करेगा।

 

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