Vaibhav Sooryavanshi's International Debut : भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी20आई मैचों की सीरीज का दूसरा मैच शनिवार को मैनचेस्टर में खेला जाना है। पहला मैच बारिश में धूल गया था ऐसे में किसी भी टीम को सीरीज में बढ़त नहीं है। इस बीच, एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को मौका न दिये जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी मौका न मिलने से बाद में उन पर दबाव बढ़ सकता है। इससे उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास पर भी असर पड़ेगा।
Vaibhav Sooryavanshi’s International Debut : भारत और इंग्लैंड के बीच पांच टी20आई मैचों की सीरीज का दूसरा मैच शनिवार को मैनचेस्टर में खेला जाना है। पहला मैच बारिश में धूल गया था ऐसे में किसी भी टीम को सीरीज में बढ़त नहीं है। इस बीच, एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी के डेब्यू को मौका न दिये जाने को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अभी मौका न मिलने से बाद में उन पर दबाव बढ़ सकता है। इससे उनकी फॉर्म और आत्मविश्वास पर भी असर पड़ेगा।
दरअसल, वैभव सूर्यवंशी ने आईपीएल में और इंडिया ए के लिए शानदार फॉर्म दिखाई है। उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को आयरलैंड और इंग्लैंड के लिए उन्हें चुनने के लिए मजबूर कर दिया है, लेकिन वैभव अभी प्लेइंग इलेवन में जगह बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह है कि इस समय टॉप-3 बल्लेबाज – संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तिकड़ी बल्ले से संघर्ष कर रही है। फिर भी इन-फॉर्म वैभव को मौका नहीं दिया जा रहा है। आयरलैंड दौरे पर टीम मैनेजमेंट अपनी जिद पर अड़ा रहा और टीम पर क्लीन-स्वीप कलंक लगा।
ज्यादा इंतजार करवाने से वैभव पर बढ़ेगा दबाव
इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20आई में वैभव सूर्यवंशी को मौका न मिलने पर पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने ‘सोनी स्पोर्ट्स’ पर बातचीत के दौरान कहा कि अगर वैभव को ज्यादा इंतजार करवाया गया तो जब भी उन्हें मौका मिलेगा, उनके ऊपर उम्मीदों का दबाव पहले से कहीं ज्यादा होगा। हालांकि 15 साल की उम्र में खिलाड़ी प्रेशर के बारे में उतना नहीं सोचता। लेकिन वह यह जरूर समझता है कि मौका मिलने पर तुरंत खुद को साबित करना होगा। आमतौर पर देखने को मिला है कि लंबे समय से मौके का इंतजार कर रहे खिलाड़ी खुद को साबित करने के लिए कुछ एक्सट्रा करने की कोशिश करते हैं और जल्दी आउट हो जाते हैं। जिससे उनके आत्मविश्वास और फॉर्म दोनों पर असर पड़ता है।
वैभव के बचपन के कोच ब्रजेश झा का कहना है कि टीम में चयन होने के बावजूद बार-बार डेब्यू का मौका न मिलना किसी भी युवा खिलाड़ी के मनोबल पर नकारात्मक असर डाल सकता है। उन्होंने आगे कहा कि वैभव ने अपनी मेहनत और प्रदर्शन के दम पर यहां तक का सफर तय किया है। टीम प्रबंधन को इस युवा प्रतिभा पर भरोसा दिखाना चाहिए, वह खुद को जरूर साबित करेगा। बता दें कि भारत के टीम मैनेजमेंट का कहना है कि वैभव भारतीय टीम में खेलने के लिए तैयार हैं, लेकिन उन्हें सही समय का इंतजार करना होगा।