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IIT मंडी बना, क्वांटम साइंस में B.Tech कोर्स शुरू करने वाला देश का पहला संस्थान

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institutes of Technology) मंडी ने भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास कायम कर दिया है। उभरते हुए तकनीकी उद्योगों (Technical industries) और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इस संस्थान ने तीन नए क्रांतिकारी अंडरग्रेजुएट (Bachelor of Technology) कार्यक्रमों की घोषणा की है।

By Sushil Sah 
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हिमाचल प्रदेश, मंडी। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (Indian Institutes of Technology) मंडी ने भारत के उच्च शिक्षा क्षेत्र में एक नया इतिहास कायम कर दिया है। उभरते हुए तकनीकी उद्योगों (Technical industries) और राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए इस संस्थान ने तीन नए क्रांतिकारी अंडरग्रेजुएट (Bachelor of Technology) कार्यक्रमों की घोषणा की है। इसके साथ ही संस्थान क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग में एक समर्पित बीटेक कोर्स शुरू करने वाला देश का पहला संस्थान बन गया है।

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ये कोर्स किए शुरू

आइआइटी मंडी ने तीन नए कोर्स शुरू किए है जिसमें बीटेक इन क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इन एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स और बीटेक इन केमिकल इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स शामिल हैं।

आधुनिक जरूरतों के लिए तैयार होंगे छात्र

संस्थान के अनुसार इसका मुख्य उद्देश्य पारंपरिक इंजीनियरिंग की मजबूत नींव को डेटा एनालिटिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अत्याधुनिक अनुसंधान के साथ जोड़ना है। जिससे छात्र सीधे तौर पर उद्योग की आधुनिक जरूरतों के लिए तैयार हो सकें। क्वांटम साइंस एंड इंजीनियरिंग कार्यक्रम के तहत छात्रों को क्वांटम कंप्यूटिंग, सुरक्षित संचार, क्वांटम सेंसिंग और हार्डवेयर इंजीनियरिंग के साथ-साथ कंप्यूटर साइंस व गणित का अध्ययन भी कराया जाएगा।

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सटीक खेती पर होगा काम

इसके अलावा कृषि इंजीनियरिंग विद डेटा एनालिटिक्स कोर्स, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। इससे सटीक खेती, सतत कृषि और जलवायु-सहिष्णु खाद्य प्रणालियों में सुधार होगा। इसमें छात्रों को मशीन लर्निंग, इंटरनेट आफ थिंग्स और रिमोट सेंसिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

बेहतर अवसर मिलेंगे

स्कूल आफ केमिकल साइंसेज (Under the School of Chemical Sciences) के तहत शुरू हुए इस तीसरे कार्यक्रम में केमिकल इंजीनियरिंग को कम्प्यूटेशनल माडलिंग और डेटा साइंस से जोड़ा गया है। सबसे खास बात यह है कि इसमें छात्रों को विज्ञान, मानविकी या प्रबंधन में माइनर या डबल मेजर करने की छूट भी मिलेगी। साथ ही इन कोर्सेस के बाद छात्रों को देश-विदेश में रिसर्च, कॉर्पोरेट और स्टार्टअप के बेहतरीन अवसर मिलेंगे।

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