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SRH की कप्तानी पर बड़ा सवाल: दिग्गजों का मानना, कमिंस की वापसी के बाद भी नहीं बदलना चाहिए कप्तान

आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद शानदार लय में नजर आ रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह टीम की मौजूदा लीडरशिप मानी जा रही है। नियमित कप्तान पैट कमिंस चोट के चलते शुरुआती मुकाबलों से बाहर रहे, ऐसे में टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में आई। किशन ने इस मौके को सिर्फ संभाला ही नहीं...

By Harsh Gautam 
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IPL 2026 Updates: आईपीएल 2026 में सनराइजर्स हैदराबाद शानदार लय में नजर आ रही है और इसकी सबसे बड़ी वजह टीम की मौजूदा लीडरशिप मानी जा रही है। नियमित कप्तान पैट कमिंस चोट के चलते शुरुआती मुकाबलों से बाहर रहे, ऐसे में टीम की कमान ईशान किशन के हाथों में आई। किशन ने इस मौके को सिर्फ संभाला ही नहीं, बल्कि अपनी कप्तानी से टीम को मजबूती भी दी। अब जबकि कमिंस वापसी के करीब हैं, कप्तानी को लेकर नई बहस छिड़ गई है। सवाल यही है कि क्या टीम फिर से पुराने कप्तान के पास जाएगी या फिर मौजूदा लय को बरकरार रखेगी।

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दिग्गजों का झुकाव युवा कप्तान की ओर

पूर्व दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह का साफ मानना है कि टीम को बदलाव से बचना चाहिए। उनके अनुसार, अगर एक युवा कप्तान टीम को सही दिशा में ले जा रहा है, तो उसे निरंतरता देना जरूरी होता है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कमिंस ने टीम को 2024 के फाइनल तक पहुंचाया था, लेकिन मौजूदा प्रदर्शन को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। वहीं, पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने भी किशन की कप्तानी को सराहा। उनका कहना है कि किशन ने मैदान पर अपनी रणनीतिक समझ का शानदार प्रदर्शन किया है। गेंदबाजों का सही समय पर सही इस्तेमाल और दबाव में भी शांत रहना उनकी सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा है।

रणनीति और संतुलन से बनी पहचान

हाल के मुकाबलों में किशन ने जिस तरह से अपने गेंदबाजों को इस्तेमाल किया, उसने टीम को कई अहम मौकों पर बढ़त दिलाई। खासकर स्पिनरों के उपयोग को लेकर उनकी समझ की काफी तारीफ हो रही है। मैदान पर उनके फैसलों में जल्दबाजी नहीं दिखती और यही बात टीम को संतुलन देती है। दूसरी ओर, कमिंस की फिटनेस भी एक बड़ा फैक्टर है। पीठ की चोट के कारण वह टी20 विश्व कप और आईपीएल के शुरुआती मैचों से दूर रहे। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि वह वापसी के बाद कितनी निरंतरता के साथ खेल पाते हैं।

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कप्तान की सोच ने बदली तस्वीर

अपनी सफलता को लेकर ईशान किशन का नजरिया भी साफ है। उनका मानना है कि इस स्तर पर खिलाड़ियों के बीच कौशल का अंतर बहुत कम होता है, असली फर्क मानसिकता पैदा करती है। किशन के अनुसार, हर मैच के बाद खुद को नए सिरे से तैयार करना और बिना किसी दबाव के खेलना जरूरी है। उनका फोकस हमेशा इस बात पर रहता है कि खिलाड़ी वर्तमान में रहें और नतीजों के डर से प्रभावित न हों।

गेंदबाजों से खास तालमेल

किशन ने यह भी बताया कि उनकी कप्तानी का एक अहम हिस्सा गेंदबाजों के साथ भरोसे का रिश्ता है। साकिब हुसैन जैसे युवा गेंदबाजों के साथ उनकी समझ बेहतर होती जा रही है। उनका मानना है कि टी20 क्रिकेट में हर गेंदबाज को कभी न कभी रन खाने पड़ते हैं, लेकिन असली चुनौती वापसी करने की होती है। अब सबकी नजर सनराइजर्स हैदराबाद मैनेजमेंट के फैसले पर टिकी है। क्या टीम अनुभव के साथ जाएगी या फिर मौजूदा फॉर्म और लय पर भरोसा बनाए रखेगी—यही इस वक्त का सबसे बड़ा सवाल है।

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