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Jharkhand Assembly Elections 2024 : आईपीएस अजय कुमार सिंह होंगे राज्य के नए DGP, चुनाव आयोग ने की नियुक्ति

चुनाव आयोग (Election Commission) ने सोमवार को झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह (IPS Ajay Kumar Singh) को राज्य का डीजीपी नियुक्त किया है। बता दें कि अजय कुमार सिंह (Ajay Kumar Singh)ने अनुराग गुप्ता (Anurag Gupta) की जगह ली।

By संतोष सिंह 
Updated Date

नई दिल्ली। चुनाव आयोग (Election Commission) ने सोमवार को झारखंड कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अजय कुमार सिंह (IPS Ajay Kumar Singh) को राज्य का डीजीपी नियुक्त किया है। बता दें कि अजय कुमार सिंह (Ajay Kumar Singh) ने अनुराग गुप्ता (Anurag Gupta) की जगह ली। साथ ही अनुराग गुप्ता (Anurag Gupta)  को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया गया है। अजय कुमार सिंह 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्हें तीन आईपीएस अधिकारियों के एक पैनल से चुना गया था, जिनके नाम राज्य सरकार ने भेजे थे। बता दें कि झारखंड में अगले महीने विधानसभा चुनाव होने वाला है।

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अनुराग गुप्ता को तत्काल प्रभाव से हटाया

सूत्रों के अनुसार, चुनाव आयोग (Election Commission)  ने अनुराग गुप्ता (Anurag Gupta)  को तत्काल प्रभाव से कार्यकारी पुलिस महानिदेशक ( DGP) के पद से हटाने का निर्देश दिया था। उनके खिलाफ शिकायतों के आधार पर यह कदम उठाया गया। उनके खिलाफ पिछले चुनाव में काफी शिकायतें मिली थीं। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब राज्य में विधानसभा चुनाव की तैयारियां चल रही हैं।

2019 के आम चुनाव के दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने उन पक्षपातपूर्ण आचरण का आरोप लगाया था। इसके बाद उन्हें झारखंड के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) के रूप में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया था। उस समय उन्हें दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर के कार्यालय में तैनात किया गया था। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक उनके झारखंड लौटने पर रोक लगा दी गई थी।

इससे पहले भी 2016 के राज्यसभा उपचुनाव के दौरान गुप्ता पर पद के दुरुपयोग के आरोप लगे थे। वे तब अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के पद पर थे। उस समय आयोग ने उनके खिलाफ एक जांच समिति गठित की थी। जिसके नतीजों के आधार पर विभागीय जांच के लिए उनके खिलाफ आरोप पत्र जारी किया गया। इस मामले में जगन्नाथपुर थाने में उनके खिलाफ 2018 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद 2021 में झारखंड की झामुमो (JMM) सरकार ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17 (ए) के तहत उनके खिलाफ जांच की अनुमति दी।

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