1. हिन्दी समाचार
  2. उत्तर प्रदेश
  3. Lucknow News: अयोध्या के मुख्य पुजारी आचार्य़ सत्येन्द्र दास का हालचाल जानने पीजीआई हॉस्पिटल पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ

Lucknow News: अयोध्या के मुख्य पुजारी आचार्य़ सत्येन्द्र दास का हालचाल जानने पीजीआई हॉस्पिटल पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को एसजीपीजीआई हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने अयोध्या के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास का हाल चाल जाना। साथ ही डॉक्टरों से बातचीत करके अपडेट लिया।

By प्रिन्सी साहू 
Updated Date

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath ) मंगलवार को एसजीपीजीआई हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने अयोध्या के मुख्य पुजारी सत्येंद्र दास (Acharya Satyendra Das) का हाल चाल जाना। साथ ही डॉक्टरों से बातचीत करके अपडेट लिया।

पढ़ें :- श्री राम मंदिर का चंदा चोरी करने वालों के सबसे बड़े नेता आज पंजाब आकर दे गए ईमानदारी का भाषण: अरविंद केजरीवाल

आपको बता दें कि आचार्य सत्येन्द्र दास (Acharya Satyendra Das) को रविवार की रात ब्रेन स्टोक हुआ था। अचानक तबियत बिगड़ने पर उन्हें आनन फानन में उन्हें श्री राम अस्पताल ले जाया गया था। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद लखनऊ पीजीआई रेफर कर दिया। जहां उनका इलाज चल रहा है।

सत्येन्द्र दास को ब्रेन हेमरेज और बीपी की दिक्कत बताया जा रहा है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बनी हुई है। सत्येन्द्र दास (Acharya Satyendra Das) राम 1991 से राम लला मंदिर के मुख्य पुजारी है। इससे पहले 15 अक्टूबर को भी सत्येन्द्र दास की हालत बिगड़ने पर पीजीआई के न्यूरोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया था।

उनकी हालत काफी नाजुक बताई जा रही थी।87 साल के राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास बाबरी विध्वंस से लेकर रामलला के भव्य मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के साक्षी रहे हैं। वह राम जन्मभूमि परिसर में रामलला की बीते 34 साल से सेवा कर रहे हैं। उन्होंने टेंट में रहे रामलला की 28 साल तक पूजा पाठ किया।

इसके बाद करीब चार साल तक अस्थायी मंदिर में विराजे रामलला की सेवा मुख्य पुजारी के रूप में की। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अभी तक वह मुख्य पुजारी के रूप में सेवा दे रहे हैं। स्वास्थ्य और बढ़ती उम्र के चलते उनके मंदिर आने जाने पर कोई शर्त लागू नहीं है। वह जब चाहें मंदिर आ जा सकते हैं।

पढ़ें :- हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़ने की बात करने वाले को मालूम होना चाहिए कि इस मंदिर का निर्माण एक मुसलमान ने ही कराया था : बृजभूषण शरण सिंह

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...