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नरेंद्र मोदी बौखलाए और घबराए हुए हैं, 29 मिनट के संबोधन में कांग्रेस का 58 बार नाम लिया, उनका ये डर हमें अच्छा लगा : सुप्रिया श्रीनेत

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC)सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल देश को 29 मिनट तक संबोधित किया, जिसमें 58 बार कांग्रेस का नाम लिया। मतलब हर तीसरे सेकण्ड पर PM मोदी कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे, मोदी जी का ये डर हमें अच्छा लगा।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC)सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने रविवार को प्रेस कांफ्रेस कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल देश को 29 मिनट तक संबोधित किया, जिसमें 58 बार कांग्रेस का नाम लिया। मतलब हर तीसरे सेकण्ड पर PM मोदी कांग्रेस के नाम की माला जप रहे थे, मोदी जी का ये डर हमें अच्छा लगा।

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महिला आरक्षण पर नरेंद्र मोदी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, देश को गुमराह कर रहे हैं

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सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि ये साफ है कि कांग्रेस पूरे साहस के साथ देश के लोगों का मुद्दा उठाती है, जिससे नरेंद्र मोदी बौखलाए और घबराए हुए हैं। कांग्रेस और विपक्ष ने पूरे देश के सामने नरेंद्र मोदी और BJP की साजिश का पर्दाफाश कर दिया है, उनेक विभाजनकारी मंसूबों पर पानी फेर दिया है। नरेंद्र मोदी अचानक से आधी आबादी के मसीहा बनना चाहते हैं, लेकिन असलियत ये है कि महिला आरक्षण तो मुद्दा ही नहीं है। सच्चाई है कि मोदी सरकार महिला आरक्षण के पीछे छिपकर विभाजनकारी और गैर-लोकतांत्रिक परिसीमन करना चाहती है। महिला आरक्षण पर नरेंद्र मोदी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, देश को गुमराह कर रहे हैं।

नरेंद्र मोदी 543 सीटों पर महिलाओं को आरक्षण क्यों नहीं दे रहे हैं? क्या उन्हें डर है कि इससे संसद में पुरुषों की संख्या कम हो जाएगी? क्या वे पुरुषों के लिए महिलाओं का हक छीन रहे हैं? उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष नरेंद्र मोदी से लगातार कह रहा है कि कल सदन में विधेयक लाइए। 543 सीटों में एक तिहाई यानी 181 सीटें महिलाओं को दीजिए। विपक्ष आपका पूरा साथ निभाएगा। सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नरेंद्र मोदी याद रखें- महिलाएं उनकी चालबाजी समझ चुकी हैं। वे जान गई हैं कि मोदी जी खुद महिलाओं का हक छीन रहे हैं और घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।

महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है- वो संविधान का हिस्सा है। 2023 में देश के सदन ने उसे सर्वसम्मति से पारित किया है, लेकिन मोदी सरकार ने उसमें शर्तें लगा दी हैं। महिला आरक्षण के रास्ते में रोड़ा अटका रही है। मोदी सरकार को वो शर्तें हटाकर- महिलाओं को उनका हक देना चाहिए।

जब भी देश में महिलाओं का अपमान और तिरस्कार हुआ है, नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साधी और दरिंदों के साथ खड़े हो गए

सुप्रिया श्रीनेत बोलीं कि नरेंद्र मोदी ने सही कहा है कि महिला अपना अपमान कभी नहीं भूलती। जब भी देश में महिलाओं का अपमान और तिरस्कार हुआ है, नरेंद्र मोदी ने चुप्पी साधी और दरिंदों के साथ खड़े हो गए। आइए गिनवाते हैं किन-किन मुद्दों पर मोदी चुप रहे मणिपुर की भीड़ ने बेटियों को नोचा, हाथरस में बेटी को रातों-रात जला दिया गया, उन्नाव में BJP MLA ने एक बेटी का बलात्कार किया,लखीमपुर में BJP नेता ने निर्वाचित महिला का चीरहरण किया, महिला पहलवानों को सड़क पर घसीटा और रौंदा गया, BHU में BJP IT सेल के लड़कों ने गैंगरेप किया, बिलकिस के दोषियों को रिहा कर दिया गया,अंकिता भंडारी के साथ हैवानियत हुई,आपके मंत्री हरदीप पुरी का नाम Epstein से जुड़ा,डेटा तो ये भी बताता है कि नरेंद्र मोदी खुद Epstein से सलाह मशवरा कर रहे थे। आखिर नरेंद्र मोदी किस मुंह से महिला सम्मान की बातें कर रहे हैं?

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याद रहे… आप जब भी लोकतंत्र के खिलाफ काम कीजिएगा, विपक्ष ऐसे ही आपको हराएगा

सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि नरेंद्र मोदी को सदन के अंदर पहली बार मुंह की खानी पड़ी- हार का सामना करना पड़ा। इसलिए वे बौखलाए हुए हैं। याद रहे… आप जब भी लोकतंत्र के खिलाफ काम कीजिएगा, विपक्ष ऐसे ही आपको हराएगा। नरेंद्र मोदी इतने झुंझलाए हुए हैं कि पूरे संबोधन में कांग्रेस का नाम ही जप रहे हैं। लेकिन मोदी भूल गए कि वे जिस पंचायती राज में निर्वाचित महिलाओं का जिक्र कर रहे थे, वो आरक्षण कांग्रेस सरकार में श्री राजीव गांधी जी लेकर आए थे। हम 73वां और 74वां संशोधन लेकर आए, जिससे पंचायतों में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का रास्ता खुला। आज निर्वाचित महिलाओं की संख्या करीब 15 लाख हैं, जो 40% है।

जब राजीव गांधी जी ने सदन के अंदर लोकल बॉडीज में महिला आरक्षण का बिल पेश किया था,तब BJP के पुरखों ने इसका विरोध किया था। ये आपका काला सच है

ये कांग्रेस की उपलब्धि है कि जब राजीव गांधी जी ने सदन के अंदर लोकल बॉडीज में महिला आरक्षण का बिल पेश किया था, तब BJP के पुरखों- लाल कृष्ण आडवाणी जी, अटल बिहारी वाजपेयी जी, जसवंत सिंह जी, राम जेठमलानी जी ने इसका विरोध किया था। ये BJP का काला सच है।

हकीकत ये है कि महिला आरक्षण मुद्दा नहीं था। मोदी सरकार ने 3 बिल एक साथ जोड़कर पेश किए। ये महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन बिल पास कराना चाहते थे। महिला आरक्षण बिल 21 सितंबर 2023 को सर्वसम्मति से पास हुआ, उसे 16 अप्रैल 2026 को रात 9.55 पर नोटिफाई किया गया। मतलब 30 महीने तक मोदी सरकार ने महिला आरक्षण को नोटिफाई तक नहीं किया। महिला आरक्षण बिल हारा नहीं है, परिसीमन बिल हारा है।

नरेंद्र मोदी खुद को पिछड़ी जाति का बताते हैं, तो पिछड़ी जाति की महिलाओं से क्या बैर है? महिला आरक्षण अगर जातिगत जनगणना के बाद आएगा, तो पिछड़ी जाति की महिलाओं को आरक्षण देना पड़ेगा। हकीकत ये है कि नरेंद्र मोदी जाति गनगणना मजबूरी में करा रहे हैं।

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2024 लोकसभा चुनाव के दौरान  मोदी ने कहा- कांग्रेस की जाति जनगणना की मांग कांग्रेस की अर्बन नक्सल सोच का सबूत है

सितंबर 2021 में मोदी सरकार ने एफिडेविट पर लिखकर सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि जाति जनगणना का कोई प्लान नहीं है। 2021 में संसद में मोदी सरकार की मंत्री रक्षा खड़से ने बताया था कि जातिगत जनगणना का कोई प्लान नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में नरेंद्र मोदी ने कहा- कांग्रेस की जाति जनगणना की मांग कांग्रेस की अर्बन नक्सल सोच का सबूत है। 1 साल बाद 28 अप्रैल 2025 को मोदी सरकार को जाति जनगणना की बात माननी पड़ी।

ऐसा है तो जातिगत जनगणना के आंकड़े आ जाने देते हैं, फिर पिछड़े वर्ग की महिलाओं को भी आरक्षण देना होगा, लेकिन नरेंद्र मोदी ऐसा नहीं करेंगे क्योंकि मोदी किसी भी महिला को आरक्षण देना नहीं चाहते।

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