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Nari Shakti Vandan Adhiniyam : अमित शाह, बोले -बिल को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम, दक्षिण के राज्यों को कोई घाटा नहीं

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से संबंधित तीनों विधेयकों पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि दक्षिण भारतीय राज्यों को इन बदलावों से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष के तरफ से फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक बड़ा गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है।

By संतोष सिंह 
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नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक और परिसीमन से संबंधित तीनों विधेयकों पर चर्चा के दौरान स्पष्ट किया कि दक्षिण भारतीय राज्यों को इन बदलावों से कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने विपक्ष के तरफ से फैलाई जा रही भ्रांतियों को खारिज करते हुए कहा कि यह एक बड़ा गलत नैरेटिव बनाया जा रहा है।

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शाह ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि एक सबसे बड़ा नैरेटिव खड़ा किया जा रहा है, भ्रांति फैलाई जा रही है कि यह जो तीन विधेयक हैं, संविधान संशोधन विधेयक, परिसीमन और संघ क्षेत्र के चुनाव के कानून में बदलाव का कानून, इनके आने से लोकसभा में दक्षिण की क्षमता कम हो जाएगी और हमारे दक्षिण के राज्यों को बहुत बड़ा नुकसान होगा। गृह मंत्री ने कर्नाटक का उदाहरण देते हुए जोर देकर कहा कि कर्नाटक राज्य में वर्तमान में 28 सीटें हैं। इस संविधान संशोधन के बाद कर्नाटक की सीटों की संख्या 28 से बढ़कर 42 हो जाएगी। कर्नाटक को जरा भी नुकसान नहीं होगा। शाह ने यह भी स्पष्ट किया कि परिसीमन प्रक्रिया के बाद सभी राज्यों की लोकसभा में प्रतिनिधित्व क्षमता बढ़ेगी और दक्षिण के राज्यों का अनुपात बरकरार रहेगा। सरकार का दावा है कि इन विधेयकों से किसी भी राज्य की मौजूदा ताकत कम नहीं होगी, बल्कि समग्र रूप से लोकसभा सीटों में वृद्धि के साथ संतुलन बना रहेगा।

संसद में परिसीमन और महिला आरक्षण बिल पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने स्पष्ट किया कि परिसीमन की प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक है। उन्होंने कहा कि इसकी रिपोर्ट तभी लागू होगी जब संसद इसे स्वीकार करेगी और राष्ट्रपति की मंजूरी मिलेगी। शाह ने समयसीमा स्पष्ट करते हुए कहा कि यह 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले होने का सवाल ही नहीं उठता। इसी दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें इस बदलाव से डरने की जरूरत नहीं है, हालांकि वह जीतेंगे नहीं, वह अलग बात है।

उन्‍होंने कहा कि वो सरकार का पक्ष इस मुद्दे पर कल रखेंगे लेकिन आज विपक्ष के द्वारा फैलाए जा रहे झूठ पर सफाई देंगे। अमित शाह ने डेटा पेश करते हुए बताया कि परिसीमन के बाद दक्षिण की कुल सीटें 129 से बढ़कर 195 हो जाएंगी (कर्नाटक: 42, तमिलनाडु: 59, केरल: 30). शाह ने भरोसा दिलाया कि 2029 के चुनावों से पहले यह व्यवस्था लागू होगी और किसी भी राज्य का हक नहीं छीना जाएगा। हंगामे के साथ शुरू हुआ।
केंद्र सरकार ने सदन के पटल पर नारी शक्ति वंदन अधिनियम और परिसीमन से जुड़े अहम विधेयक पेश किए। इन विधेयकों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जबरदस्त तकरार देखने को मिली। विपक्ष के भारी विरोध के कारण सदन में वोटिंग की स्थिति पैदा हो गई। वोटिंग के दौरान सरकार के पक्ष में 251 और विरोध में 185 वोट पड़े। हैरान करने वाली बात यह रही कि एनडीए के 42 सांसदों ने वोटिंग प्रक्रिया में हिस्सा ही नहीं लिया। सरकार ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 परसेंट आरक्षण देने के लिए एक बड़ा प्रस्ताव रखा है। इसके तहत लोकसभा में सदस्यों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने की योजना है. इसके लिए सरकार परिसीमन आयोग के गठन और केंद्र शासित प्रदेश कानून में बदलाव की तैयारी कर रही है। विपक्ष इसी बढ़ती संख्या और परिसीमन की प्रक्रिया को लेकर सवाल उठा रहा है।

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