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Netherlands’ ‘Cycling Culture’ : नीदरलैंड ‘साइकिल संस्कृति’ का ‘मौत रोको’ कनेक्सन हैरान कर देगा, पूरी कहानी सोच बदल देगी

साइकिल से समानता, ये बात कुछ अजीब लगती है न, जी हां साइकिल का पहिया समनता का आगे बढता है। हैरान मत होईये, दुनिया में कुछ भी संभव।

By अनूप कुमार 
Updated Date

The Netherlands’ ‘Cycling Culture’: साइकिल से समानता, ये बात कुछ अजीब लगती है न, जी हां साइकिल का पहिया समानता का आगे बढता है। हैरान मत होईये, दुनिया में कुछ भी संभव। नीदरलैंड वो देश है जो अपनी ‘साइकिल संस्कृति’ (Cycling Culture) के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है, जहाँ इंसानों से ज़्यादा साइकिलें हैं। यहाँ की कुल आबादी लगभग 1.8 करोड़ है, जबकि साइकिलों की संख्या 2.3 करोड़ से भी अधिक है। यहां साइकिल अपनाने में सरकार और जनता दोनों प्रतिबद्धता दिखायी।

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विशेषताएं
बुनियादी ढांचा: पूरे देश में 35,000 किलोमीटर से अधिक सुरक्षित और अलग साइकिल ट्रैक (Fietspaden) बने हैं।

भूगोल: यहाँ की ज़मीन बिल्कुल समतल (Flat) है, जिससे साइकिल चलाना बहुत आसान और कम थकाऊ होता है।

सुरक्षा : डच कानूनों में दुर्घटना होने पर साइकिल चालकों की सुरक्षा और पैदल चलने वालों के अधिकारों को गाड़ी चालकों से ऊपर रखा जाता है।

विशाल पार्किंग: यहाँ स्टेशनों और बाज़ारों के बाहर हज़ारों साइकिलों के लिए विशाल और आधुनिक अंडरग्राउंड पार्किंग बनी हैं।

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मौसम : यहाँ के लोग धूप, बारिश या बर्फबारी में भी साइकिल से ही सफर करना पसंद करते हैं।

सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव

बचपन : यहाँ बच्चे चलना सीखने के साथ ही साइकिल चलाना भी सीख जाते हैं। स्कूल जाने वाले ज़्यादातर बच्चे साइकिल का ही इस्तेमाल करते हैं।

समानता का प्रतीक: नीदरलैंड में साइकिल चलाना किसी गरीबी या मजबूरी का संकेत नहीं है। वहाँ के प्रधानमंत्री और शाही परिवार के लोग भी आम जनता की तरह साइकिल से यात्रा करते हैं।

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बिना हेलमेट के ड्राइविंग: यहाँ के लोग आम तौर पर रोज़मर्रा की यात्रा में हेलमेट नहीं पहनते हैं, क्योंकि साइकिल ट्रैक बहुत सुरक्षित और गाड़ियों से पूरी तरह अलग होते हैं।

पर्यावरण अनुकूल: इस संस्कृति के कारण नीदरलैंड के लोग बेहद फिट रहते हैं और यहाँ प्रदूषण का स्तर बहुत कम है।क्या आप नीदरलैंड के साइकिल इतिहास के बारे में जानना चाहते हैं या वहां के यातायात नियमों के बारे में?

नीदरलैंड कारों के चंगुल से निकालकर साइकिल अनुकूल देश बनाने के पीछे आंदोलन, वैश्विक संकट और सही राजनीतिक फैसलों का एक लंबा इतिहास रहा है।

 

नीदरलैंड के साइकिल इतिहास 
‘रॉयल डच टूरिंग क्लब’
1. 19वीं सदी का अंत: अमीरों का शौक (1880 – 1900)पहली साइकिल (वेलोसिपेड) 1820 के आसपास यहाँ पहुँची थी, लेकिन शुरुआती दौर में यह बहुत सफल नहीं रही।1890 के दशक तक, साइकिल केवल उच्च वर्ग और अमीरों के मनोरंजन का साधन थी। लोग इसे वीकेंड पर पार्कों में शौक के तौर पर चलाते थे।इसी दौरान 1883 में ‘रॉयल डच टूरिंग क्लब’ (ANWB) की स्थापना हुई, जिसने आगे चलकर साइकिल को बढ़ावा देने में बड़ी भूमिका निभाई।

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2.आम जनता की सवारी (1900 – 1940)

1910 से 1920 के दशक के बीच जब साइकिलें सस्ती और टिकाऊ हुईं, तो यह मजदूरों और आम जनता का मुख्य परिवहन बन गईं।1911 तक, नीदरलैंड में प्रति व्यक्ति यूरोप में सबसे ज़्यादा साइकिलें थीं।द्वितीय विश्व युद्ध (WWII) के दौरान देश में ईंधन (पेट्रोल) की भारी कमी हो गई, जिसने साइकिल को डच लोगों की जीवनरेखा बना दिया।

1950 – 1960 का दशक: कारों का आक्रमण और संकटद्वितीय विश्व युद्ध के बाद डच अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ी और लोगों की आमदनी में सुधार हुआ।लोग साइकिल छोड़कर कारें खरीदने लगे। सरकार ने भी सड़कों को चौड़ा करना और साइकिल ट्रैकों को हटाकर पार्किंग बनाना शुरू कर दिया।इसके परिणामस्वरूप शहरों में भारी ट्रैफिक जाम, प्रदूषण और भयानक सड़क दुर्घटनाएं होने लगीं।

‘स्टॉप डे किंडरमूर्ड’
‘स्टॉप डे किंडरमूर्ड’ (Stop de Kindermoord) आंदोलन: 1971 में कारों से होने वाले हादसों में 3,300 से ज़्यादा लोग मारे गए, जिनमें 400 से अधिक बच्चे थे। इसके खिलाफ पूरे देश की जनता और माता-पिता सड़कों पर उतर आए। उन्होंने एक बड़ा नागरिक आंदोलन शुरू किया जिसका नाम था—”बच्चों की हत्या बंद करो”। लोगों ने सड़कों को ब्लॉक कर दिया और सरकार से साइकिलों के लिए सुरक्षित रास्ते मांगे।
तेल संकट
1973 का तेल संकट (Oil Crisis): इसी दौरान मध्य-पूर्व के देशों ने तेल की सप्लाई रोक दी, जिससे नीदरलैंड में पेट्रोल की कीमतें आसमान छूने लगीं।

‘कार-मुक्त रविवार’
सरकार ने ईंधन बचाने के लिए ‘कार-मुक्त रविवार’ (Car-free Sundays) घोषित किया। इसके कारण लोगों को दोबारा साइकिल की अहमियत समझ आई।

1980 के बाद से अब तक: साइकिल नीति और आधुनिक बुनियादी ढांचाजनता के दबाव और तेल संकट को देखते हुए डच सरकार ने अपनी परिवहन नीति को पूरी तरह बदल दिया।शहरों का पुनर्विकास (Redevelopment) किया गया। कारों के रास्तों को छोटा किया गया और 35,000 किमी से अधिक के सुरक्षित, लाल रंग के समर्पित साइकिल ट्रैक (Protected Bike Lanes) का जाल बिछाया गया。

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सरकार की सही सोच
इस प्रकार, डच लोगों ने अपनी जिद और सरकार की सही सोच से कारों के साम्राज्य को हराकर साइकिल को अपना राष्ट्रीय गौरव बना लिया।

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