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Operation Sindoor : समर्पण का प्रतीक सिंदूर दहशतगर्दों के लिए बन गया काल , इस ऑपरेशन ने आतंकियों की सांसे जड़ से उखाड़ दी

सनातन संस्कृति में सिंदूर सुहाग और समर्पण के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। भारतीय सुहागन नारी सिंदूर की रक्षा के लिए जप, तप, व्रत, अनुष्ठान और शौर्य का पालन सदियों से करती आ रहीं है। भारतीय संस्कृति में सिंदूर नारी के तपबल और मनोबल को अखंड बनाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह अखंड सौभाग्य का प्रतीक है।

By अनूप कुमार 
Updated Date

Operation Sindoor : सनातन संस्कृति में सिंदूर सुहाग और समर्पण के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। भारतीय सुहागन नारी सिंदूर की रक्षा के लिए जप, तप, व्रत, अनुष्ठान और शौर्य का पालन सदियों से करती आ रहीं है। भारतीय संस्कृति में सिंदूर नारी के तपबल और मनोबल को अखंड बनाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम (Pahalgam) में हुए आतंकी हमले में लगभग 28 लोगों की जानें गई थीं। इसी आतंकी हमले के जवाब में भारत ने बुधवार को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) के तहत पाकिस्तान और पीओके में 9 आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। जिसमें करीब 90 आतंकियों के मारे जाने की खबर है। भारतीय संस्कृति में सिंदूर तत्व को आधार मानकर किया गया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पाकिस्तानी दहशतगर्दों लिए काल बन गया। विश्व में आतंक की विचारधारा को कड़ा संदेश देने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को पूरे विश्व में शक्ति के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। जीवनसाथी के प्रति प्रेम और आस्था का प्रतीक भी है।

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‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गर्जना
भारतीय विवाह के वैदिक नियमों में सिंदूर लगाने की परंपरा का इतिहास हजारों साल पुराना है और धार्मिक मान्यताओं में भी यह मौजूद है। सनातन संस्कृति की जड़ में रचे बसे प्रतीक को ध्येय बनाकर भारतीय सेना  ने शौर्य का प्रदर्शन किया और पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत में आतातायी संस्कृति की कोई जगह नहीं है। हिंसा को आधार बनाकर भय और आतंक का माहौल बनाने वाली आतंकी विचारधारा को समर्पण और प्रेम की विचारधारा वाली भारतीय सेना ने  पल भर में घूल में मिला दिया। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की गर्जना ने आतंकियों को क्षण भर में जमींदोज कर दिया।

खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में भारतीय पत्नियों का सुहाग उजड़ गया था।   खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना को ग्रहण लग गया था। इस घटना ने समूचे विश्व को झकझोर दिया था। भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर द्वारा आतंकियों की इस करतूत का करारा जवाब दिया।

शक्ति का प्रतीक
माता पार्वती ने वर्षों की तपस्या के बाद जब भगवान शंकर को पति के रूप में प्राप्त किया, तो उन्होंने सिंदूर को अपना सुहाग चिह्न बनाया। स्कंद पुराण में भी सिंदूर का जिक्र मिलता है। त्रेता युग में माता सीता को विवाह के वक्त सिंदूर लगाया गया था, वहीं द्वापर में द्रौपदी भी सुहाग चिह्न के रूप में सिंदूर लगाती हैं। भारतीय परंपरा में शक्ति की प्रतीक देवी दुर्गा को माता पार्वती का ही स्वरूप माना जाता है। देवी दुर्गा लाल सिंदूर लगाती हैं और उसे उनकी शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

सिंदूरदान की परंपरा
 वैदिक युग में सिंदूर को कुंकुम कहा जाता था। सिंधु घाटी सभ्यता को विश्व की सबसे प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक माना जाता है. इस काल की जो मूर्तियां सामने आई हैं, उसमें स्पष्ट तौर पर महिलाओं को सिंदूर लगाए हुए दिखाया गया है। भारतीय परंपरा में आधुनिक युग में भी सिंदूर लगाने की परंपरा मौजूद है। विवाह के वक्त सिंदूरदान की परंपरा होती है, उसके बाद ही विवाह संपूर्ण माना जाता है।

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