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‘प्रीपेड रिचार्ज कस्टमर्स के साथ हो रही लूट…’ संसद में राघव चड्ढा ने उठाया इनकमिंग बंद होने और सिर्फ 28 दिन की वैधता का मुद्दा

Parliament Budget Session 2026 Live : भारत में टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल और मैसेज की सुविधाएं बंद कर देती हैं। जिसकी वजह से लोगों के पास इमरजेंसी कॉल या जरूरी OTP आने बंद हो जाते हैं। इस मुद्दे को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उठाया है। उन्होंने सदन में कंपनियों की ओर से ग्राहकों को लूटने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने 28 दिन तक रिचार्ज की वैधता को 30-31 दिन करने की मांग की।

By Abhimanyu 
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Parliament Budget Session 2026 Live : भारत में टेलीकॉम कंपनियां प्रीपेड रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल और मैसेज की सुविधाएं बंद कर देती हैं। जिसकी वजह से लोगों के पास इमरजेंसी कॉल या जरूरी OTP आने बंद हो जाते हैं। इस मुद्दे को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उठाया है। उन्होंने सदन में कंपनियों की ओर से ग्राहकों को लूटने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही उन्होंने 28 दिन तक रिचार्ज की वैधता को 30-31 दिन करने की मांग की।

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आप सांसद राघव चड्ढा ने सदन में कहा, ‘भारत में 125 करोड़ मोबाइल फोन यूजर्स हैं, जिनमें से 90% प्रीपेड प्लान यूजर्स हैं। मैं प्रीपेड प्लान यूजर्स उनकी ओर से दो समस्याओं को उठाना चाहता हूं… पहली समस्या है रिचार्ज खत्म होने के बाद आउटगोइंग के साथ इनकमिंग कॉल्स और एसएमएस बंद होना… रिचार्ज खत्म होने पर आउटगोइंग कॉल्स बंद होना समझ में आता है, लेकिन इनकमिंग कॉल्स बंद करना अनुचित है… मोबाइल नंबर हमारी डिजिटल पहचान बन चुका है। रिचार्ज खत्म होने पर UPI पेमेंट, बैंकिंग OTP, ट्रेन टिकट OTP, PAN-आधार ऑथेंटिकेशन, इंटरव्यू कॉल, अस्पताल की कॉल, या गांव से माता-पिता की कॉल जैसी जरूरी चीजें रुक जाती हैं… इनकमिंग कॉल बंद करना सर्विस बंद करना नहीं, बल्कि कम्युनिकेशन का अधिकार छीनना है।’

चड्ढा ने आगे कहा, ‘ उदाहरण: आधार कार्ड अपडेट न करने पर एक्सपायर नहीं होता, बैंक अकाउंट में मासिक डिपॉजिट न करने पर बंद नहीं होता, वोटर ID एक चुनाव में वोट न देने पर सस्पेंड नहीं होता। ठीक वैसे ही, रिचार्ज भूलने पर मोबाइल नंबर सस्पेंड या डीएक्टिवेट नहीं होना चाहिए। वे फ्री आउटगोइंग या डेटा नहीं मांग रहे, लेकिन इनकमिंग कॉल्स की गारंटी होनी चाहिए। मेरी तीन मांगे हैं, पहली मांग- लास्ट रिचार्ज की डेट से कम से कम एक साल तक इनकमिंग कॉल्स और एसएमएस जारी रहें, ताकि जरूरी कम्युनिकेशन जारी रहे। दूसरी मांग- मोबाइल नंबर डीएक्टिवेशन कम से कम 3 साल की ग्रेस पीरियड के बाद हो, ताकि किसी और को अलॉट न हो। तीसरी मांग- मोबाइल ऑपरेटर्स कम कॉस्ट का “इनकमिंग ओनली” प्लान लाएँ, जैसे ₹10 में 180 दिनों की इनकमिंग सुविधा।’

दूसरा मुद्दा 28 दिनों का मंथली रिचार्ज प्लान

आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में 28 दिनों की वैधता को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा, ‘साल में 12 महीने होते हैं, लेकिन 28 दिनों के प्लान से यूजर्स को 13 बार रिचार्ज करना पड़ता है (28 × 13 = 364 दिन)। यह एक चालाक रणनीति है, जिसमें 30 दिनों का फील देते हैं लेकिन सिर्फ 28 दिनों का डील करते हैं। दुनिया में हर जगह बिलिंग साइकल कैलेंडर मंथ (30-31 दिन) के हिसाब से होती है, जैसे मासिक सैलरी, किराया, बैंक EMI, बिजली-गैस बिल। लेकिन टेलीकॉम ऑपरेटर्स 28 दिनों का प्लान बेचते हैं, ताकि साल में एक एक्स्ट्रा रिचार्ज हो। वे उम्मीद करते हैं कि इस प्रथा को खत्म किया जाए।’

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