1. हिन्दी समाचार
  2. देश
  3. Respect For Tiranga : गणतंत्र दिवस के बाद तिरंगे को जमीन पर न फेंके कोई… गृह मंत्रालय ने जारी किया संदेश

Respect For Tiranga : गणतंत्र दिवस के बाद तिरंगे को जमीन पर न फेंके कोई… गृह मंत्रालय ने जारी किया संदेश

Respect For Tiranga : राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2024) को सिर्फ एक हफ्ते का समय रह गया है। जिसको देखते हुए गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें 26 जनवरी पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में उपयोग किए जाने वाले कागज से बने भारतीय झंडे को समारोह खत्‍म होने के बाद जमीन पर ना फेंका जाए, यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है। 

By Abhimanyu 
Updated Date

Respect For Tiranga : राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस (26 जनवरी 2024) को सिर्फ एक हफ्ते का समय रह गया है। जिसको देखते हुए गृह मंत्रालय (MHA) ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें 26 जनवरी पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में उपयोग किए जाने वाले कागज से बने भारतीय झंडे को समारोह खत्‍म होने के बाद जमीन पर ना फेंका जाए, यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया गया है।

पढ़ें :- ट्रंप भारत के CEC ज्ञानेश कुमार के सवाल से हुए प्रभावित! अमेरिकी चुनाव प्रणाली में बदलाव के दिये संकेत

दरअसल, कई बार राष्ट्रीय पर्वों खासकर गणतंत्र दिवस (Republic Day) और स्वतंत्रता दिवस पर महत्वपूर्ण राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजन के दौरान उपयोग किए जाने वाले कागज से बने राष्ट्रीय ध्वज को समारोह खत्‍म होने के बाद लोग जमीन पर फेंक देते हैं। इस बात को ध्यान में रखकर गृह मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक सर्कुलर जारी किया है। गृह मंत्रालय ने कहा, ‘भारतीय राष्ट्रीय ध्वज देश के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है और झंडे की गरिमा के अनुरूप कागज के तिरंगे का निजी तौर पर निपटान किया जाना चाहिए।’

National Flag Code of Conduct

इस सर्कुलर में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा, ‘कागज से बने राष्ट्रीय ध्वज को राष्ट्रीय, सांस्कृतिक और खेल आयोजनों से जुड़े महत्वपूर्ण अवसरों पर ‘भारत के ध्वज संहिता के भाग- II के पैराग्राफ 2.2 के खंड (x)’ के तहत लहराया जा सकता है। आपसे यह सुनिश्चित करने का अनुरोध किया जाता है कि जनता द्वारा उपयोग किए जाने वाले कागज से बने झंडों को कार्यक्रम के बाद जमीन पर नहीं फेंका जाता है। ऐसे झंडों को झंडे की गरिमा के अनुरूप, निजी तौर पर निपटाया जाना चाहिए।’

पढ़ें :- BJP ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए गए अमरपाल मौर्य, हनुमान मंदिर पहुंचकर की पूजा-अर्चना
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक, यूट्यूब और ट्विटर पर फॉलो करे...